मुनि की रेती नावघाट पर स्थानीय लोगों और पर्यटकों को जागरूक करतीं एसडीआरएफ के कर्मचारी। स्रोत ए
पर्वतीय क्षेत्रों में लगातार हो रही तेज बारिश से गंगा और उसकी सहायक नदियां उफान पर है। मैदानी भागों में भी इसका असर दिख रहा है। गंगा चेतावनी रेखा 339.50 मीटर से 30 सेमी ऊपर 339.80 मीटर पर बह रही है। गंगा का जलस्तर बढ़ने से स्थानीय प्रशासन अलर्ट हो गया है।
गंगा घाट और तटों पर एसडीआरएफ के जवान अनाउंसमेंट कर स्थानीय लोगों और पर्यटकों को सुरक्षित स्थानों पर रहने के लिए जागरूक कर रहे हैं। बुधवार को लक्ष्मणझूला, स्वर्गाश्रम, मुनि की रेती, तपोवन, त्रिवेणीघाट, साईंघाट, श्यामपुर और रायवाला आदि क्षेत्रों में गंगा नदी घाट और तटों से ऊपर बह रही है।
त्रिवेणीघाट पर बना आरती स्थल जलमग्न हो गया है। जल पुलिस, आपदा राहत दल और एसडीआरएफ के कर्मचारी गंगा घाट और तटों पर लोगों को स्नान करने से रोक रहे है। पर्यटकों को अतिसंवेदनशील घाटों पर न जाने के लिए जागरूक किया जा रहा है।
तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए जागरूक किया जा रहा है। लगातार बढ़ रहे गंगा के जलस्तर को देखते हुए स्थानीय प्रशासन भी अलर्ट मोड पर है। केंद्रीय जल आयोग की जानकारी के मुताबिक बुधवार शाम करीब 7 बजे गंगा का जलस्तर 339.80 मीटर दर्ज किया गया, जो चेतावनी रेखा से 30 सेमी ऊपर है।