त्रिवेणी घाट स्थित गंगा आरती स्थल हो गया है जलमग्न
आपदा राहत दल, एसडीआरएफ और जल पुलिस की संयुक्त टीमें विभिन्न घाटों पर कर रही निगरानी
लोगों से गंगा से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील लगातार की जा रही
संवाद न्यूज एजेंसी
ऋषिकेश। पर्वतीय क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश का असर अब मैदानी इलाकों में भी दिखाई दे रहा है। शुक्रवार सुबह आठ बजे गंगा का जलस्तर चेतावनी रेखा से 18 सेंटीमीटर ऊपर दर्ज किया गया। बढ़ते जलस्तर के कारण त्रिवेणी घाट स्थित गंगा आरती स्थल पूरी तरह जलमग्न हो गया।
गंगा तट पर बने सेल्फी पॉइंट भी पानी में डूब गए हैं। गंगा के लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। आपदा राहत दल, एसडीआरएफ और जल पुलिस की संयुक्त टीमें विभिन्न घाटों पर निगरानी कर रही हैं। बाहरी राज्यों से आए पर्यटकों को विशेष रूप से हिदायत दी जा रही है।
स्थानीय लोगों और कांवड़ यात्रा के श्रद्धालुओं को भी सतर्क किया जा रहा है। उन्हें गंगा के किनारे जाने से रोका जा रहा है। तेज बहाव में स्नान न करने की सख्त हिदायत भी दी गई है। प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं।
प्रशासन के निर्देश पर कई संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। इनमें त्रिवेणी घाट, परमार्थ घाट और स्वर्गाश्रम घाट प्रमुख रूप से शामिल हैं। रामझूला, लक्ष्मणझूला और वानप्रस्थ घाट पर भी सुरक्षा बढ़ाई गई है। साधु समाज घाट, राधा घाट, पूर्णानंद घाट, स्वामी नारायण घाट और काली घाट पर भी बल तैनात हैं। लाउडस्पीकर मुनादी के माध्यम से लोगों से गंगा से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की लगातार अपील की जा रही है।