ऋषिकेश । नगर सहित आसपास के क्षेत्रों में गणेश चतुर्थी पर गणेश महोत्सव बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस मौके गणेश भगवान की मूर्ति स्थापना कर उनकी पूजा अर्चना की गई। त्रिवेणी घाट परिसर में 30 हजार की लागत से लगभग छह फीट ऊंची और चौदहबीघा स्थित बारात घर में 21 हजार की लागत से चार फीट ऊंची भगवान श्रीगणेश की मूर्ति स्थापित की गई। यह सब मूर्तियां हरिद्वार के बहादराबाद से मंगाई गई हैं। सोमवार को गणेश चतुर्थी के मौके पर श्री सिद्ध गणेश मंदिर आदर्श ग्राम में गणेश महोत्सव मनाया गया।
इस मौके पर प्रात: आठ बजे से मंदिर में भगवान श्री गणेश की पूजा अर्चना कर भव्य आरती की गई। इसके बाद महिला कीर्तन मंडली की ओर से भगवान श्री गणेश का भजन कीर्तन किया गया। भजन कीर्तन के दौरान महिलाएं भगवान श्री गणेश के भजनों पर जमकर झूमते हुए मंदिर परिसर को भक्तिमय कर दिया। इसके बाद संत महात्माओं की ओर से सत्संग का आयोजन किया गया। इस मौके संत महात्माओं अपने प्रवचन से भगवान श्री गणेश की महिमा का वर्णन किया। इसके बाद प्रसाद के रूप में विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। इस अवसर पर हरगोपाल अग्रवाल, अशोक अग्रवाल, राजेंद्र भंडारी, अविनाश अग्रवाल, सरला अग्रवाल, हीरालाल, राजेंद्र तायल, गौरी मिश्रा, शकुंतला देवी आदि ने भी भगवान श्री गणेश का आशीर्वाद लिया।
उधर, चौदहबीघा स्थित बारात घर में डाइमंड ग्रुप की ओर से गणेश चतुर्थी पर 11 दिवसीय गणेश महोत्सव का शुभारंभ किया गया। इस मौके प्रात: हवन पूजन के बाद भगवान श्री गणेश की मूति की स्थापना की गई। मूर्ति स्थापना के बाद भगवान श्री गणेश की पूजा अर्चना के बाद भव्य आरती की गई। सायंकाल को मूर्ति स्थल पर भजन कीर्तन आयोजित किया गया। इस अवसर पर योगेश राणा, गजेंद्र सजवाण, जितेंद्र पंवार, अंकित रावत, सुरेंद्र कुड़ियाल बंदेमातरम, गोदामंबरी देवी, आशा देवी, बबल चौहान, बसंती रावत, दुर्गा देवी आदि ने भी भगवान श्री गणेश का आशीर्वाद लिया।
त्रिवेणी घाट परिसर में गणेश पूजा महोत्सव समिति की ओर से गणेश महोत्सव मनाया गया। इस मौके पर सुबह नौ बजे पूजा अर्चना के साथ भगवान श्री गणेश की मूर्ति स्थापित की गई। मूर्ति स्थापना के बाद भगवान श्री गणेश की भव्य आरती की गई। सांय छह बजे के बाद घाट परिसर में भगवान श्री गणेश का भजन कीर्तन किया गया। इस दौरान त्रिवेणी घाट पर मां गंगा के दर्शन करने पहुंचे श्रद्धालुओं ने भगवान श्री गणेश केे भजनों का आनंद लेकर भगवान श्री गणेश का आशीर्वाद लिया। यह महोत्सव लगातार 11 दिनों तक चलता रहेगा। इस दौरान विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। 12वें दिन पूजा अर्चना के बाद भगवान श्री गणेश की मूर्ति मां गंगा में विसर्जित की जाएगी।