गंगा नदी के जलस्तर का निरीक्षण करते हुए
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गंगा के जलस्तर में बढ़ोत्तरी से राफ्टिंग संचालकों के चेहरे लटक गए हैं। इसकी वजह से नदी में राफ्टिंग शुरू नहीं हो सकी। पर्यटन विभाग की तकनीकी कमेटी ने गंगा के जलस्तर का निरीक्षण कर फिलहाल इसे राफ्टिंग संचालन के लिए उचित नहीं पाया है। राफ्टिंग रोटेशन समिति के अध्यक्ष दिनेश भट्ट के मुताबिक 10 दिन बाद तकनीकी कमेटी फिर से गंगा के जलस्तर का निरीक्षण कर रिपोर्ट देगी। उम्मीद है कि तब तक जल स्तर सामान्य होगा।
हर साल गंगा में राफ्टिंग शुरू करने के लिए गंगा के जल स्तर का निरीक्षण कर पर्यटन विभाग की तकनीकी कमेटी अपनी हरी झंडी देती है। कमेटी की हरी झंडी के बाद ही बरसात के बाद राफ्टिंग का संचालन शुरू किया जाता है। रविवार को निरीक्षण करने वाली तकनीकी टीम में आईटीबीपी के एसआई शंभू प्रसाद पैन्यूली, सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता मंगल सिंह, वन दरोगा अनुज भारद्वाज, जिला साहसिक खेल अधिकारी पौड़ी खुशाल सिंह नेगी, जिला साहसिक खेल अधिकारी टिहरी सोबत सिंह राणा, गंगा नदी राफ्टिंग रोटेशन समिति के तकनीशियन विकास भंडारी और अरविंद भारद्वाज शामिल रहे।
रोटेशन से जुड़ी हैं 230 कंपनियां
ऋषिकेश। गंगा नदी राफ्टिंग रोटेशन समिति के अंतर्गत गंगा में राफ्टिंग का संचालन होगा। बीते दिनों हुई बैठक में उपस्थित राफ्टिंग कंपनियों के मालिकों ने इस पर सहमति जताई थी। रोटेशन समिति के अध्यक्ष दिनेश भट्ट ने बताया कि वर्तमान में रोटेशन से 230 कंपनियां जुड़ी हैं। जो रोटेशन के नियमों के अनुसार गंगा में राफ्टिंग का संचालन करती हैं। कुछ और कंपनियों ने भी रोटेशन से जुड़ने के लिए आवेदन किए हैं। उन्हें भी रोटेशन समिति में शामिल किया जाएगा।