एम्स में मेडिकल स्टोर खाली कराने के लिए हंगामा
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एम्स परिसर में संचालित मेडिकल स्टोर को खाली कराने को लेकर शुक्रवार को संस्थान परिसर में जमकर हंगामा हुआ। मेडिकल स्टोर संचालक ने इस मामले में एम्स प्रशासन पर मनमानी और इस बाबत हाईकोर्ट द्वारा जारी स्टे की अनदेखी का आरोप लगाया है।
स्टोर संचालक का दावा है कि उनका एम्स में मेडिकल स्टोर संचालन का तीन साल का टेंडर बांड है, बावजूद इसके एम्स प्रशासन जोर जबरदस्ती कर स्टोर खाली कराना चाहता है। उधर एम्स प्रशासन के सूत्रों का कहना है कि मेडिकल स्टोर की लीज 15 अप्रैल को समाप्त हो चुकी है, स्टोर संचालक को पहले ही स्टोर खाली कराने का नोटिस दिया जा चुका है।
शुक्रवार शाम एम्स प्रशासन के नुमाइंदे परिसर में संचालित मेडिकल स्टोर पर पहुंचे और संचालक से मेडिकल स्टोर खाली कराने को कहा। जिसका मेडिकल स्टोर के संचालक ने विरोध किया। स्टोर की संचालक विभा बिष्ट का कहना है कि एम्स प्रशासन इस मामले में जोर जबरदस्ती कर स्टोर खाली कराना चाहता है।
उन्होंने दावा किया कि उनका तीन साल का टेंडर बांड है। साथ ही बताया कि उक्त मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है मामले में कोर्ट द्वारा स्टे जारी किया जा चुका है, जिसे एम्स प्रशासन नहीं मान रहा।
संचालक ने बताया कि देर शाम एम्स प्रशासन ने मेडिकल स्टोर की लाइट काट दी और बेरीकेडिंग कर दी। बताया कि इससे उनका लाखों रुपये की दवाओं का नुकसान हो सकता है। एम्स प्रशासन का कहना है कि स्टोर संचालन की लीज 15 अप्रैल को खत्म हो चुकी है।
कोर्ट स्टे के बाबत उनका कहना है कि इस बाबत जानकारी नहीं है, यदि मामले में स्टे होगा भी तो उसकी अवधि लीज की समयावधि ही हो सकती है। जबकि लीज अवधि अब समाप्त हो चुकी है। स्टोर को खाली कराने के बाबत कानूनी प्रावधानों पर विमर्श चल रहा है।