ऋषिकेश। केंद्र सरकार की योजना के तहत गांव-गांव सड़कों का जाल बिछ रहा है। लेकिन देहरादून राजधानी के सबसे निकट स्वतंत्रता सेनानी स्व. चंदन सिंह बिष्ट का कुमार्था गांव आजादी के बाद से आज भी सड़क सुविधा से महरुम है। सड़क सुविधा नहीं होने के कारण ग्रामीण मरीजों को कंधों में डंडी कंडी की मदद से मुख्य मार्ग पर पहुंचा रहे हैं।
यमकेश्वर ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत कुमार्था गांव है। ऋषिकेश से इस गांव की दूरी करीब 25 किमी है। गांव में करीब ढाई सौ परिवार रहते हैं। लगातार चार पंचवर्षीय में यमकेश्वर विधानसभा क्षेत्र में एक ही राजनीति दल भाजपा सक्रिय रही है। लेकिन आज तक इस गांव में सड़क निर्माण की कोई योजना नहीं बनी। नतीजन सड़क सुविधा नहीं होने से ग्रामीण गांव से पलायन करने में मजबूर हैं।
स्थानीय ग्रामीण सत्यपाल सिहं राणा, कमल सिंह रावत, सुनील भण्डारी, मुकेश बिष्ट ने बताया कि कुछ दिन पहले स्वतंन्त्रता संग्राम सेनानी के बेटे विजय सिंह बिष्ट का अचानक पैर टूट गया। सड़क सुविधा नहीं होने के कारण उन्हे गांव के युवा अशोक बिष्ट, शमशेर बिष्ट, मुकेश बिष्ट तथा सुनील भण्डारी ने डंडी कंडी की मदद से कंधों पर उठाकर मुख्य सड़क तक पहुंचाया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि विधायक निधि से करोड़ो खर्च होते हैं, लेकिन आजादी के बाद आज भी स्वतंन्त्रता सेनानी का गांव सड़क सुविधा से वंचित है।
मामला संज्ञान में है, कुमार्था गांव में सड़क निर्माण के लिए प्रयासरत हैं। उम्मीद है कि जल्द गांव को सड़क सुविधा से जोड़ा जाएगा।
रितु खंडूड़ी भूषण, विधायक, यमकेश्वर विधानसभा।