- धमांद गांव में बाघ के हमले के बाद अलर्ट मोड पर पार्क प्रशासन
यमकेश्वर। धमांद गांव में बाघ के हमले में श्रमिक के घायल होने की घटना के बाद वन विभाग और राजाजी टाइगर रिजर्व प्रशासन ने ग्रामीणों की सुरक्षा पर निगरानी बढ़ा दी है। गांव के जंगल से सटे संवेदनशील इलाकों में फॉक्स लाइट और ट्रैप कैमरे लगाए गए हैं। कैमरों के जरिये बाघ की गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी जबकि फॉक्स लाइट से रात के समय आबादी की ओर वन्यजीवों की आवाजाही रोकने का प्रयास किया जा रहा है।
कुछ दिन पहले धमांद गांव में बाघ ने नेपाली मूल के एक श्रमिक पर हमला कर उसे घायल कर दिया था। घटना के बाद ग्रामीणों में दहशत का माहौल बन गया था। ग्रामीणों ने वन विभाग से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने और बाघ की गतिविधियों पर नजर रखने की मांग की थी। ग्रामीणों की मांग पर राजाजी टाइगर रिजर्व प्रशासन ने गांव के जंगल से लगे रास्तों, खेतों और आबादी के किनारों को संवेदनशील मानते हुए वहां निगरानी उपकरण लगाए हैं। फॉक्स लाइट रात में तेज रोशनी और आवाज के माध्यम से वन्यजीवों को आबादी की ओर आने से रोकने में मदद करेंगी। वहीं, ट्रैप कैमरों के जरिए बाघ की मूवमेंट रिकॉर्ड की जाएगी, जिससे उसकी आवाजाही वाले क्षेत्रों की पहचान करने और आगे की रणनीति तय करने में वन विभाग को मदद मिलेगी।
-वन विभाग की टीम लगातार गांव में गश्त कर रही है और ग्रामीणों को शाम के समय अकेले जंगल की ओर न जाने की अपील की गई है।-राजेश जोशी, रेंजर, गोहरी रेंज।