तपोवन स्थित स्वामी समर्पणानंद आश्रम में योग की शिक्षा ले रहे कुछ विदेशी मेहमानों ने योग के साथ ही चैत्र मास नवरात्र पर मां दुर्गा की पूजा की।
आश्रमाध्यक्ष स्वामी समर्पणानंद सरस्वती महाराज ने बताया कि भारतीय संस्कृति में नवरात्र आत्म विश्वास और आत्मा विकास की तरक्की कराता है। नवरात्रि में मां दुर्गों के नौ रूपों का ज्ञान प्राप्त होता है। यह ज्ञान समानता, मोक्ष, संपत्ति और कीर्ति में सहयोगात्मक होती है। आश्रम में विदेशों से आए पर्यटक भी नवरात्र की पूजा-अर्चना में भाग ले रहे हैं।
जर्मनी की अन्ना, कनाडा की पेंट्रा और नीदरलैंड की मारिया ने बताया कि आश्रम परिसर में इन दिनों नवरात्र की पूजा-अर्चना हो रही है। वे भी इसे जानने का प्रयास कर रहे हैं। आश्रम कर्मचारियों के साथ उपवास रख रही हैं और दिन में फलाहार करने के बाद शाम को माता रानी की पूजा कर व्रत का विधि विधान के साथ समापन कर रहे हैं।
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योगनगरी में बड़ी संख्या में आते हैं पर्यटक
लक्ष्मणझूला, स्वर्गाश्रम, मुनि की रेती और तपोवन क्षेत्र में वर्षभर सैकड़ों की संख्या में विदेशी पर्यटक आते हैं। पर्यटक यहां योग, पंचकर्मा के साथ ही विभिन्न स्थलों का भ्रमण करते हैं। इस दौरान पर्यटक भारतीय संस्कृति से बेहद प्रभावित भी होते हैं।