रानीपोखरी में दस देशों के 51 वरिष्ठ अधिकारियों ने पंचायती राज व्यवस्था को देखा। दो बसों में सवार होकर विदेशी अधिकारी रानीपोखरी पंचायत पहुंचे। जहां उन्होंने पंचायत में लोगों की समस्याएं और उनके निराकरण के तरीकों को जाना।
गांबिया, म्यांमार, श्रीलंका, थाईलैंड, कंबोडिया, केन्या, तंजानिया, मॉरिशस, मेडागास्कर और इंडोनेशिया के विभिन्न विभागों में तैनात अधिकारियों के दल ने रानीपोखरी में विकास कार्यों को देखा। विदेशी अधिकारियों ने उपनिदेशक मनोज तिवारी से पंचायत से संबंधित सवाल भी पूछे। कहा कि पंचायतों व निकायों में प्रधान या चेयरमैन का चुनाव कैसे होता हैं। उपनिदेशक ने कहा कि प्रत्येक मतदाता चुनाव में मतदान से अपना प्रधान या चेयरमैन चुनता है।
एक विदेशी अधिकारी ने पूछा कि यदि कभी किसी गलत प्रधान, चेयरमैन को चुन लिया तो जनता के पास क्या विकल्प मौजूद होता है। तब उपनिदेशक ने कहा कि पांच साल बाद मतदाता के पास वोट देकर उसको बदलने का विकल्प मौजूद होता है। पंचायतों और निकायों में आय बढ़ाने और अन्य बिंदुओं पर भी चर्चा की गई।
प्रशासक सुधीर रतूड़ी ने पंचायत में किए गए विकास कार्यों को स्क्रीन पर दिखाया। इस अवसर पर प्रशासक सुधीर रतूड़ी, कलम सिंह राणा, विनोद रावत, प्रवीण रावत, दीपक कुमार, संदीप जायसवाल आदि उपस्थित रहे।