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Rishikesh News: जलभराव से प्रभावित गंगा नगर के लोगों ने किया प्रदर्शन

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नगर निगम में आपदा समीक्षा की बैठक में घुसे, निगम प्रशासन के खिलाफ लगाए नारे

एसएनए को गंगानगर भेजने पर शांत हुए ग्रामीण



बीते 13 दिनों से जलभराव की समस्या से जूझ रहे गंगानगर के लोगों ने नगर निगम परिसर में विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने जल निकासी के पुख्ता इंतजाम न किए जाने, राहत और बचाव कार्य में हीलाहवाली बरतने का आरोप लगाया। लोगों के आक्रोश को देखते हुए सहायक नगर आयुक्त रमेश रावत को गंगानगर भेजा गया। इसके बाद ही लोग सभागार स्थल से बाहर निकले।



शनिवार को गंगानगर के लोग दोपहर 12 बजे पूर्व सभासद बृजपाल राणा और प्यारेलाल जुगरान के नेतृत्व में नगर निगम पहुंचे। लोगों ने निगम प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन के बाद लोग निगम सभागार में चल रही आपदा की समीक्षा की बैठक में पहुंच गए। लोगों ने कहा कि गंगानगर के निचले क्षेत्र में अब भी कई फीट पानी भरा है। नगर निगम प्रशासन पानी निकासी का पर्याप्त इंतजाम नहीं कर रहा है। मात्र चार पंप लगाए गए हैं। वह चंद घंटे चलाकर बंद किए जा रहे हैं। प्यारेलाल जुगरान ने कहा कि यदि गुलाटी प्लाॅट वाले नाले को नगर निगम सही तरीके से बनाता तो गंगानगर में जलभराव की समस्या नहीं होती।
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उन्होंने कहा कि पानी की निकासी के लिए लोगों ने निजी स्तर पर 20-20 हजार रुपये खर्च कर पंप खरीदे हैं। घरों में पानी और मलबा भरने से सामान, राशन खराब हो गया है। निगम की ओर से कोई मदद नहीं मिल रही है। कई स्थानों पर सीवर लाइन ओवरफ्लो हो रही है।





बोली मेयर यह राजनीति का मंच नहीं



गंगानगर के लोग नगर निगम सभागार में दाखिल हुए तो एक व्यक्ति ने नगर निगम के निर्माण विभाग पर राजनीति से प्रेरित होकर काम करने का आरोप लगाया। इस पर मेयर भड़क गईं। दोनों में तनातनी हो गई। मेयर ने उस व्यक्ति को जवाब दिया कि यह राजनीति का मंच नहीं है। यहां पर आपदा प्रभावितों की समस्याओं को सुना जा रहा है।
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गंगानगर में बरसाती नाले का सर्वे किया जाएगा। तहसील प्रशासन की ओर से आपदा प्रभावितों को राशन सामग्री बांटी गई है। नगर निगम से अभी तक आपदा मद में किसी प्रकार का प्रस्ताव नहीं आया है। जिन क्षेत्रों में जल निकासी का काम किया जाना है वहां पर नगर निगम को संसाधन जुटाने होंगे। जिनका भुगतान तहसील प्रशासन करेगा। - योगेश मेहरा, एसडीएम ऋषिकेश
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