निर्माण की गुणवत्ता पर ग्रामीणों ने सवाल उठाते बंद करवाया कार्य
बंगाला नाले पर सिंचाई विभाग की ओर से लगाए जा रहे वायर क्रेट का कार्य को ग्रामीणों ने बंद करवा दिया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि वायर क्रेट में पत्थर की जगह मिट्टी और रेत भरी जा रही है। जिससे नाले के उफान में आने पर जानमाल का नुकसान झेलना पड़ेगा।
13 अगस्त को हुई मूसलाधार बारिश से बंगाला नाले के उफान से एक घर जमींदोज हो गया था। कई घरों की सुरक्षा दीवारें ढह गई। कुछ घरों में दीवारों में भी दरारें आई हैं। कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल और डीएम सोनिका के निर्देश पर सिंचाई विभाग नाले में वायर क्रेट का कार्य करवा रहा है। शनिवार को ग्रामीणों ने कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए विरोध किया और वायर क्रेट के कार्य को बंद करवा दिया।
शिकायत मिलने पर निरीक्षण किया गया। एक वायर क्रेट को खुलवाकर उसमें पत्थर भरवाए गए। निर्माण एजेंसी को गुणवत्ता का विशेष ध्यान देेने के निर्देश दिए हैं। विभागीय अधिकारी मौके पर निगरानी के लिए मौजूद रहते हैं। - अनुभव नौटियाल, एसडीओ, सिंचाई विभाग
बाढ़ सुरक्षा कार्यों में अनियमितता की जांच पटवारी को भेजकर कराई जा रही है। लापरवाही मिलने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति कर रिपोर्ट डीएम को भेजी जाएगी। - योगेश सिंह मेहरा, एसडीएम, ऋषिकेश