चारधाम यात्रा के साथ प्रदेश के किसी भी धार्मिक स्थल पर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए फूलप्रूफ ऑनलाइन पंजीकरण की स्थायी व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही फील्ड में काम करने वाले अधिकारियों से यात्रा प्रबंधन के सुझाव मांगे। ट्रिप कार्ड व्यवस्था का सख्ती से पालन करने और इसके लिए राष्ट्रीय स्तर के टूर ऑपरेटर्स का सहयोग लेने के दिए निर्देश।
मुख्य सचिव ने गढ़वाल आयुक्त के कैंप कार्यालय में अधिकारियों के साथ चर्चा की। उन्होंने कहा कि फूलप्रूफ ऑनलाइन पंजीकरण के लिए नामी आईटी कंसल्टेंसी कंपनियों की सहायता ली जाए। मुख्य सचिव ने यात्रा प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों से कहा कि चारधाम यात्रा के सुव्यवस्थित प्रबंधन और स्थायी समाधान में टेक्नोलॉजी ही सबसे अधिक सहायता कर सकती है। उन्होंने जल्द से जल्द आईटी कंसल्टेंसी कंपनी के साथ चारधाम यात्रा से जुड़े सभी हितधारकों की मदद से यह व्यवस्था विकसित करने के निर्देश दिए।
नए ठहराव स्थलों को चिह्नित करने निर्देश
कहा कि चारधाम यात्रा में फील्ड स्तर पर काम कर रहे अधिकारी यात्रा प्रबंधन में सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं। उन्होंने फील्ड पर कार्य करने वाले कनिष्ठ अधिकारियों से यात्रा प्रबंधन के लिए बनने वाली एसओपी के लिए उनके सुझाव मांगे। कहा कि फील्ड अधिकारियों के कुशल प्रबंधन से राज्य में चारधाम यात्रा आरंभ में कुछ चुनौतियों के बाद दोबारा सुचारु, सुव्यवस्थित एवं सफलतापूर्वक संचालित की जा रही है।
हरिद्वार में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन दोबारा शुरू किया जा रहा है। उन्होंने यात्रा से संबंधित जनपदों के जिलाधिकारियों को नए ठहराव स्थलों को चिह्नित करने और वहां पार्किंग स्थलों को विकसित करने के निर्देश दिए। कहा कि इसके लिए जल्द ही धनराशि भी जारी कर दी जाएगी।
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उन्होंने यात्रा मार्ग पर वाहनों की धारण क्षमता और पार्किंग स्थलों का सही आकलन जल्द बनाने के भी निर्देश दिए। ट्रिप कार्ड व्यवस्था का भी कड़ाई से पालन के निर्देश दिए। कहा कि देश के जिन राज्यों से सबसे अधिक यात्री चारधाम पर आते हैं, उनके जिलाधिकारियों और जिला प्रशासन से भी समन्वय स्थापित करते रहें।