सड़कों पर बंदरों को खाद्य सामग्री खिलाने वालों पर वन विभाग जुर्माना लगा रहा है। खाने-पीने की सामग्री के चक्कर में बंदरों का समूह सड़कों पर दुघर्टनाओं का सबब बन रहा है। अंकुश लगाने के लिए विभागीय स्तर पर कार्रवाई की जाने लगी है।
लच्छीवाला वन रेंज समेत आसपास के वन क्षेत्रों से होकर हाईवे से आवाजाही करने वाले लोग अब बंदरों को खाने-पीने की सामग्री नहीं दे सकेंगे। विभागीय स्तर पर सड़कों पर खाने-पीने की सामग्री बंदरों को देने वालों पर जुर्माना आदि कार्रवाई शुरू कर दी है।
गौरतलब है दून डोईवाला मार्ग पर कई किमी जंगल वाले क्षेत्रों में लोग बंदरों को खाद्य सामग्री देते हैं जिसकी छीनाझपटी में सड़क पर आवाजाही करने वाले लोग दुघर्टना की चपेट में आ जाते हैं। खासतौर पर मंगलवार और शनिवार के दिन सड़कों पर बंदरों की तादाद अधिक रहती है।
खाने-पीने की सामग्री के चक्कर में जंगलों से भारी संख्या में बंदर सड़कों पर सारा दिन रहते हैं। खाद्य सामग्री नही मिलने पर बंदर आक्रामक भी हो जाते हैं। लच्छीवाला वन रेंज के डिप्टी रेंजर मोहन सिंह रावत ने बताया कि विभाग पहले लोगों को जागरूक कर रहा है। बंदरों को खाने-पीने की सामग्री देते हुए मिलने पर पांच सौ रुपये का जुर्माना वसूला जा रहा है।