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पांच हजार छात्रों की सनद का इंतजार

Mon, 20 Jun 2016 02:34 AM IST
गंगादत्त थपलियाल/अमर उजाला, ऋषिकेश
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Student - फोटो : file photo
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राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के पांच हजार छात्रों को तीन साल से डिग्री नहीं मिली है। डिग्री हासिल करने को छात्र कभी महाविद्याल, तो कभी गढ़वाल विवि श्रीनगर के चक्कर काट रहे है। पर उनको मजबूरन छह माह की अवधि के लिए प्रोविजनल डिग्री लेने को मजबूर होना पड़ता है।
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महाविद्यालय को साल 2012 में स्वायत्तशासी (आटोनोमस) का दर्जा मिला था। जिसके बाद महाविद्यालय को परीक्षा का आयोजन और अन्य सभी कार्य खुद के संसाधनों से करने थे। लेकिन उच्च शिक्षा विभाग की उदासीनता के चलते पिछले तीन वर्षों में महाविद्यालय के लिए आटोनोमस की पूरी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हो पाई है। परीक्षा परिणाम घोषित करने के उपरांत महाविद्यालय छात्र-छात्राओं को डिग्री देने के लिए गढ़वाल केंद्रीय विवि पर ही निर्भर है। वर्ष 2012 से महाविद्यालय से पास आउट होने वाले छात्र-छात्राओं को डिग्री नहीं मिल पाई है। प्रतिदिन दर्जनों छात्र-छात्राएं डिग्री से संबंधित जानकारी लेने के लिए महाविद्यालय पहुंचते है।

छात्र मयंक रावत ने बताया कि वर्ष 2013 में उन्होंने गणित विषय में एमएससी की। डिग्री लेने के लिए वह दो बार गढ़वाल विवि मुख्यालय श्रीनगर जा चुका है। दोनों बार उन्हें विवि से प्रोविजनल डिग्री मजबूरी में लेनी पड़ी है। छात्रा गीता नेगी ने बताया कि वर्ष 2014 में वह समाज शास्त्र से एमए कर चुकी है। अगले वर्ष जब उन्होंने पंजाब विवि में एमएसडब्लू में प्रवेश लेने के लिए आवेदन किया तो पंजाब विवि ने उन से डिग्री मांगी। उसका भाई प्रमोद डिग्री लेेने श्रीनगर गया तो वहां से सिर्फ प्रोविजनल डिग्री ही मिल पाई। किसी तरह माइग्रेशन के आधार पर उन्हें पंजाब विवि में प्रवेश तो मिल गया। लेकिन गढ़वाल विवि से डिग्री नहीं मिल पा रही है।
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महाविद्यालय की ओर से गढ़वाल विवि को कई बार डिग्री जारी करने के लिए पत्र भेजा गया है। कुछ दिन पहले भी विवि के अधिकारियों से वार्ता हुई है। विवि के अधिकारियों ने बताया कि डिग्री पर कुलपति के हस्ताक्षर होने है। कुलपति के विवि मुख्यालय लौटने पर डिग्रियां भेज दी जाएगी। इस सप्ताह छात्रों की डिग्रियां महाविद्यालय को प्राप्त होने की उम्मीद है।
डा. डीसी नैनवाल, प्राचार्य ऋषिकेश महाविद्यालय

ऋषिकेश महाविद्यालय आटोनोमस है। वह परीक्षा आयोजित कर परिणाम खुद घोषित करता है। विवि को सिर्फ डिग्री निर्गत करनी होती है। महाविद्यालय जो परीक्षा परिणाम घोषित करता है उसका डिग्री के साथ रिकार्ड चेक करने में समय अधिक लगता है। महाविद्यालय के छात्रों की डिग्रियां बनकर तैयार है। एक-दो दिन के अंतर्गत ऋषिकेश महाविद्यालय में पहुंचा दी जाएगी।
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प्रो. डीएस नेगी, ओएचडी कुलपति गढ़वाल विवि श्रीनगर

 
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