गर्मी में जंगल में लगने वाली संभावित आग की घटना से निपटने के लिए वन विभाग ने तैयारियां शुरू कर दी है। आग से वन संपदा को नुकसान नहीं हो, इसके लिए रेंज की तीन बीटों में क्रू स्टेशन बनाए गए हैं। वन क्षेत्र से सटी आबादी में रहने वाले लोगों को आग के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
15 फरवरी से फायर सीजन शुरू होगा। लिहाजा ऋषिकेश रेंज कार्यालय अभी से कवायद में जुट गया है। वन रेंज में ऋषिकेश, बीवीवाला पश्चिमी, लालपानी, वीरभद्र, गोला पूर्वी और बीवीवाला पूर्वी वन संपदा से आच्छादित हैं। गर्मी में इन्हीं बीटों में आग की संभावना बनी रहती है।
वन क्षेत्राधिकारी गंगा सागर नौटियाल ने बताया कि फायर सीजन के तहत ऋषिकेश, लाल पानी और गोला पूर्वी बीट में क्रू स्टेशन बनाए गए हैं। यहां कर्मियों की तैनाती के साथ ही आग बुझाने के उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं। बीट कर्मियों में सूचना का आदान-प्रदान हो, इसके लिए वायरलेस सेट की भी व्यवस्था की गई है।
ताकि जंगल में कहीं भी आग लगने पर तत्काल राहत बचाव हो सके। सड़क किनारे सूखे पत्तों को फूंकने के लिए भी अलग से टीम बनाई जाएगी। उन्होंने बताया कि एक फरवरी से सात फरवरी तक वन्य अग्नि सुरक्षा सप्ताह भी मनाया जा रहा है। इसके तहत वन क्षेत्र से सटी आबादी के लोगों को आग के प्रति जागरूक किया जा रहा है। लोगों को जंगल में ज्वलनशील पदार्थ नहीं ले जाने, जलती बीड़ी और माचिस की तीली नहीं फेंकने की सलाह दी जा रही है।