यमकेश्वर ब्लॉक के देवराना गांव में पिंजरे में कैद हुआ गुलदार।
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यमकेश्वर ब्लॉक के गांवों में आतंक का पर्याय बना गुलदार बीती रात वन विभाग के पिंजरे में कैद हो गया। पिंजरे में कैद हुए गुलदार का वन विभाग की टीम कोटद्वार में मेडिकल कराया और जंगल में छोड़ दिया। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पकड़ा गया गुलदार नरभक्षी है या नहीं, यह मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद ही पता चल पाएगा।
बता दें कि बीती 26 जनवरी सांय ग्राम डेवराना निवासी मासूम अभिषेक (3) पुत्र अमरीश को गुलदार अंागन से उठाकर ले गया था। काफी खोजबीन के बाद अगले दिन मासूम का शव घर से 500 मीटर की दूरी पर झाड़ियों से बरामद हुआ था।
इस घटना से आक्रोशित लोगों ने गुलदार को मार गिराने की मांग को लेकर वन विभाग के अधिकारियों का घेराव किया था और लोगों के आक्रोश को देखते हुए वन विभाग ने गांव के पास दो पिंजरे और लोकेशन देखने के लिए कैमरा लगाया था।
बावजूद इसके यह गुलदार क्षेत्र के अलग-अलग क्षेत्रों में सक्रिय दिखा। बीते दिनों टोला गांव में गुलदार ने मवेशी और बकरियों को अपना निवाला बनाया था। गुलदार गांव के आसपास शाम के वक्त लगातार दस्तक दे रहा था। सोमवार रात 12.30 बजे के लगभग गुलदार डेवराना के प्राथमिक विद्यालय के पास पानी पीने की टंकी के पास लगाए गए पिंजरे में फंस गया।
लालढ़ाग के रेंजर रमेश चंद्र कुकरेती ने बताया कि पकड़ा गया गुलदार मादा है, जिसकी उम्र 5 वर्ष के लगभग है। पकडे़ जाने के बाद उसका मौके पर मेडिकल कराया गया और डीएफओ के आदेश के बाद जंगल में छोड़ दिया गया।