श्रीमद भागवत कथा में बोलते कथावाचाक आचार्य रमेश चंद्र शास्त्री।
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हरिद्वार रोड स्थित गंगा व्यू त्रिवेणीधाम में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के चौथे दिन भगवान श्रीकृष्ण का जन्म धूमधाम से मनाया गया। कथा वाचक आचार्य रमेश चंद्र शास्त्री ने कहा रामराज्य की स्थापना के लिए भगवान राम ने महल का त्याग कर वन गए।
क्योंकि भगवान श्रीराम जानते थे महल में बैठकर रामराज्य की स्थापना नहीं की जा सकती है। शास्त्री ने बताया कि श्रीराम का चरित्र भारत ही नहीं, बल्कि संपूर्ण विश्व को जीने की कला सिखाता है। श्रीराम भगवान का जन्म रामराज्य की स्थापना के लिए हुआ।
इसीलिए श्रीराम महल को त्यागकर वन जाते हैं। श्रीराम जानते थे जब तक राजा महलों को छोड़कर सबरी की झोपड़ी में नहीं जाएगा, केवट और निषादों को गले नहीं लगाएगा, रामराज्य नहीं आएगा। आज भी लोग रामराज्य की कल्पना करते हैं, लेकिन समाज को समझना होगा कि रामराज्य तभी आएगा, जब शासक समाज के उपेक्षित वंचित और अंतिम व्यक्ति तक पहुंचेगा। इस दौरान कृष्ण जन्मोत्सव में भक्तगण खूब झूमे।
इस अवसर पर श्रीशिव शंकर तीर्थयात्रा समिति संचालक भगवान दास अग्रवाल, लक्ष्मी देवी, देवब्रत, काजल, पुष्पेंद्र, कविता, लक्ष्मी नारायण, संजय, राकेश चंद्र, रविंद्र आदि उपस्थित रहे।