राजाजी टाईगर रिजर्व की ग्राम सभा रायवाला के कैप्टन फार्म में लगे पिंजरे में शनिवार रात एक मादा गुलदार कैद हो गया। वन कर्मियों ने गुलदार को चीला रेंज पहुंचा दिया है। पार्क के निदेशक सनातन ने बताया कि गुलदार की उम्र पांच साल के लगभग है। गुलदार आदमखोर है या नहीं यह कैमरों की अध्ययन के बाद पता लग पाएगा।
रायवाला क्षेत्र में पिछले तीन साल से एक आदमखोर गुलदार सक्रिय है। तीन वर्षों में गुलदार 10 लोगों को मौत के घाट उतार चुका है। बीते 18 नंवबर को नेपाली फार्म के समीप गुलदार ने एक ट्रक चालक को शिकार बनाया था। इसके बाद लोगों ने गुलदार को मार गिराने की मांग को लेकर राजाजी टाईगर रिजर्व के अधिकारियों का घेराव किया था।
पार्क प्रशासन ने गुलदार की लोकेशन ट्रेस करने के लिए क्षेत्र में अलग-अलग स्थानों पर 12 सीसीटीवी कैमरे लगाए थे। 10 नवंबर को सीसीटीवी कैमरे में एक दर्जन गुलदारों की तस्वीर कैमरे में कैद हुई थी। गुलदार अपनी लोकेशन भी नहीं बदल रहा था। इसी के चलते वन विभाग के अधिकारी गुलदार के नरभक्षी होने की आंशका जता रहे थे।
गुलदार को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाने के साथ ही ट्रैंकुलाइज करने के लिए मचान बनाकर गश्ती दल को तैनात किया था। इसके बाद से गुलदार की चहलकदमी नहीं हो रही थी। रविवार की सुबह चार बजे वासंती माता मंदिर क्षेत्र में स्थित कैप्टन फार्म में लगे पिंजरे में एक गुलदार के कैद होने की जानकारी वनकर्मियों को लगी।
पार्क निदेशक सनातन के निर्देश पर गुलदार को चीला रेंज के जंगल में पहुंचा दिया गया। निदेशक सनातन ने बताया कि मादा गुलदार की उम्र पांच साल के लगभग है। चिकित्सालय में जांच कराने के बाद उसे चीला रेंज में छोड दिया गया है।