- धान की फसल बरबाद होने से किसानों की बढ़ी चिंता, नुकसान का सर्वे पूरा नहीं होने से मुआवजे की प्रक्रिया में आ रही दिक्कतें
डोईवाला। बारिश और ओलावृष्टि से धान की फसल को हुए नुकसान के बाद किसान मुआवजे की मांग कर रहे हैं, लेकिन लेखपालों के कार्य बहिष्कार के कारण फसल क्षति का सर्वे और आकलन पूरा नहीं हो पा रहा है। इससे प्रभावित किसानों की चिंता बढ़ गई है। किसानों का कहना है कि नुकसान की भरपाई के लिए शासन-प्रशासन की ओर से उचित कार्रवाई नहीं की जा रही है।
पिछले दिनों हुई भारी बारिश और ओलावृष्टि से धान उत्पादक किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचा है। खेतों में खड़ी फसल प्रभावित होने से किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। ऐसे में किसान मुआवजे की उम्मीद लगाए बैठे हैं, लेकिन सर्वे पूरा नहीं होने से राहत मिलने में देरी की आशंका है।
कृषक फेडरेशन के अध्यक्ष उमेद वोरा ने बताया कि भारी बारिश से धान उत्पादक किसानों को काफी नुकसान हुआ है। अभी तक फसल क्षति का सर्वे और आकलन पूरी तरह नहीं हो पाया है। इससे किसानों की परेशानी बढ़ रही है। उन्होंने नुकसान की भरपाई के लिए उचित कार्रवाई की आवश्यकता जताई।
तहसीलदार विरम सिंह ने बताया कि लेखपाल अपनी कुछ विशेष मांगों को लेकर कार्य बहिष्कार कर रहे हैं। इसके बावजूद कई काम कराए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि फसल नुकसान की जानकारी लेखपाल के संज्ञान में होगी, तो किसानों को मुआवजा दिलाने का प्रयास किया जाएगा।