ग्रामीण क्षेत्र के बाद अब शहरी क्षेत्रों में भी स्वास्थ्य सेवाएं बीमार हो रही हैं। मरीज और तीमारदारों को समय पर उपचार नहीं मिल पा रहा है। इसमें सबसे अधिक परेशानी मरीजों को आपातकालीन सेवा 108 वाहन से हो रही है।
दुर्घटना स्थल से फोन करने के बाद भी 108 वाहन समय पर मरीजों के पास नहीं पहुंच रहा है। इससे लोगों में आक्रोश का माहौल है। बृहस्पतिवार को मुनि की रेती स्थित पूर्णानंद आस्था पथ पर एक फक्कड़ बाबा दर्द से तड़पता रहा। स्थानीय लोगों के फोन करने के एक घंटे के बाद एंबुलेंस पहुंची। इसके बाद फक्कड़ बाबा को एसपीएस राजकीय चिकित्सालय में भर्ती किया गया।
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नगर पालिका मुनिकीरेती ढालवाला के पूर्व अध्यक्ष शिवमूर्ति कंडवाल और ऋषिकेश गंगा आरती ट्रस्ट के संस्थापक हरिओम शर्मा ने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य विभाग 108 सेवा के नाम पर लाखों रुपये को ठिकाना लगा रहा है। जिसका लाभ मरीज और तीमारदारों को समय पर नहीं मिल रहा है।