प्रसिद्ध नीलकंठ महादेव मंदिर क्षेत्र में व्यवस्थाओं की पोल उस समय खुल गई जब जिला पंचायत पौड़ी की अपर मुख्य अधिकारी भावना रावत ने औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मूलभूत सुविधाओं की खस्ताहाल स्थिति सामने आई, जिससे प्रशासनिक दावों पर सवाल खड़े हो गए।
बृहस्पतिवार को निरीक्षण के दौरान कई शौचालय बिना पानी के बंद पड़े मिले, जबकि कुछ की हालत इतनी खराब थी कि उनका उपयोग करना भी मुश्किल था। लाखों श्रद्धालुओं की आस्था के इस प्रमुख केंद्र पर ऐसी अव्यवस्था देख अपर मुख्य अधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताई और संबंधित अधिकारियों को फटकार लगाई।
कैथल धर्मशाला के पास स्थित शौचालयों में मरम्मत कार्य जारी जरूर मिला, लेकिन कार्य की धीमी गति और गुणवत्ता को लेकर भी सवाल उठे। कई स्थानों पर अधूरा काम और अव्यवस्थित हालात देखने को मिले, जिससे श्रद्धालुओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
सड़क मार्ग पर बने 8 शौचालय लंबे समय से बदहाल पड़े हैं और अब तक उन्हें सुचारू करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। वहीं, जिला पंचायत पार्किंग स्थल की स्थिति भी चिंताजनक मिली। ऊबड़-खाबड़ जमीन, जलभराव और अव्यवस्थित पार्किंग के कारण श्रद्धालुओं और वाहन चालकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
यात्री शेड भी जर्जर हालत में मिला, जिससे यात्रियों को पर्याप्त सुविधा नहीं मिल पा रही है। निरीक्षण के दौरान यह साफ नजर आया कि व्यवस्थाओं के नाम पर सिर्फ कागजी खानापूर्ति की जा रही थी। स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं ने भी प्रशासन से जल्द सुधार की मांग की है, ताकि इस महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल की गरिमा बनी रह सके।
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कोट
नीलकंठ क्षेत्र की पेयजल व शौचालय व्यवस्थाओं की पड़ताल की गई। कई शौचालयों में पानी न होने से बदहाल स्थिति में पाए गए। जेई को व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं। विभिन्न प्रदेशों से आने वाले श्रद्धालुओं को मूलभूत सुविधाओं का लाभ देना हमारी प्राथमिकता है। - भावना रावत, अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत पौड़ी