उप जिला अस्पताल में बेतरतीब खड़े किए जाने वाले वाहनों से रोगियों और तीमारदारों को परेशानी होती है। कई बार तो इमरजेंसी तक पहुंचने के लिए एंबुलेंस को रास्ता नहीं मिलता है।
उप जिला अस्पताल में होने वाली वाहनों की पार्किंग गंभीर समस्या का रूप धारण कर रही है। ओपीडी व इमरजेंसी के आसपास खड़े कि जाने वाले वाहन रोगियों व उनके तीमारदारों के लिए दिनभर मुसीबत बने रहते हैं। उधर रोगियों को लेकर आने जाने वाले वाहन और एंबुलेंस को भी रास्ता नहीं मिल पाता है।
अस्पताल में ओपीडी के समय सुबह सात बजे से लेकर दोपहर दो बजे तक बाइक व कार आदि वाहनों की पार्किंग की समस्या गंभीर रहती है। अस्पताल परिसर में वाहनों की पार्किंग की सही व्यवस्था नहीं होने के कारण यहां आने वाले वाहन चालक अपने वाहनों को बेतरतीब ढंग से जहां जगह मिलती है वहीं पार्क कर देते हैं। इससे उपचार के लिए अस्पताल आने वाले रोगियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। रोगी को लाने वाले वाहन या एंबुलेंस भी कई बार इमरजेंसी तक नहीं पहुंच पाते हैं। ऐसी स्थिति में रोगी को जल्दी उपचार देने के बजाए पहले वाहन स्वामी को खोजकर लाया जाता है और उसके वाहन हटाने के बाद ही एंबुलेंस इमरजेंसी के सामने तक पहुंच पाते हैं।
राज्य अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व सदस्य संजय जैन, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष नीरज अग्रवाल, मनोज अग्रवाल का कहना है कि अस्पताल बेहद संवेदनशील क्षेत्र होता है। कई बार गंभीर स्थिति में रोगी को लाया जाता है, इसलिए इस प्रकार की अव्यवस्थाएं अस्पताल परिसर में नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अस्पताल प्रशासन से पार्किंग की व्यवस्था को ठीक कराने की मांग की है।
बयान...
अस्पताल परिसर में आने वाले वाहनों पर कर्मचारी नजर रखते हैं लेकिन इसके बावजूद कई बार लापरवाही से वाहन खड़े कर दिए जाते हैं। व्यवस्था में सुधार के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे। - डाॅ. विजय सिंह, प्रभारी चिकित्सा अधिकारी, उप जिला अस्पताल, विकासनगर