तीन परिवारों ने अपने परिवार के मृतक सदस्य के नेत्रदान कराएं हैं। नेत्रदान कार्यकर्ता गोपाल नारंग ने बताया कि नजफगढ़ निवासी सुरेंद्र मिड्डा के निधन के बाद उनके परिजनों ने उनके नेत्रदान करने की स्वीकृति दी। नेत्रदान मिशन से जुड़े कृष्ण कालरा के सहयोग से गुरुनानक आई बैंक दिल्ली की टीम ने उनके घर जाकर दोनों कॉर्निया सुरक्षित प्राप्त किए। इसके अलावा सहारनपुर निवासी अशोक बत्रा के निधन पर उनके परिजनों ने दृष्टिदूत श्याम नारंग के सहयोग से रोशनी आई बैंक को नेत्रदान की सहमति दी। वहीं दृष्टिदूत महेंद्र अरोड़ा की प्रेरणा से हरिद्वार के प्रतिष्ठित व्यापारी जवाहर लाल अग्रवाल के परिजनों ने भी उनकी मृत्योपरांत नेत्रदान कराया। अभियान प्रमुख रामशरण चावला ने कहा कि तीन लोगों के नेत्रदान से 6 जिंदगियां रोशन होंगी। लोगों के सहयोग से नेत्रदान महादान अभियान 282वें पड़ाव पर पहुंचा है।