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महाकुंभ में देव डोलियों के स्नान से पूर्व तीर्थनगरी में धर्म ध्वजा की स्थापना

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ढालवाला भद्रकाली में धर्मध्वजा की स्थापना में भाग लेते कृषि मंत्री सुबोध उनियाल। - फोटो : RISHIKESH
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ऋषिकेश। महाकुंभ 2021 के तहत देवडोलियों के स्नानार्थ आगमन के उपलक्ष्य में तीर्थनगरी की हृदयस्थली त्रिवेणी घाट और श्री भद्रकाली मंदिर ढालवाला, मुनिकीरेती में में लोक वाद्य यांत्रों की धुन और मंत्रोचार के साथ के श्री बदरीनाथ जी की धर्म ध्वजा की स्थापना की गई।
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पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार श्री देवभूमि लोक संस्कृति विरासतीय शोभा यात्रा समिति के तत्वावधान में बृहस्पतिवार प्रात: त्रिवेणीघाट पर पूर्व कैबिनेट मंत्री मोहन सिंह रावत गांववासी के नेतृत्व में और शाम को भद्रकाली पर कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल की उपस्थित में श्री बदरीनाथ जी की धर्म ध्वजा को पूजा और मंत्रोचार के साथ स्थापित किया गया। श्री देवभूमि लोक संस्कृति विरासतीय शोभायात्रा समिति की ओर से हरिद्वार महा कुंभ पर्व में 24 व 25 अप्रैल को आयोजित होने वाले देवत्व स्नान एवं शोभायात्रा के पूर्व निर्धारित कार्यक्रम में देव प्रतीक चिह्नों के साथ देव डोलियां के स्नानार्थ अमृतमय कुंभ पहुंचेंगी। इस अवसर पर समिति के उपाध्यक्ष बंशीधर पोखरियाल की ओर से महामंडलेश्वर स्वामी ईश्वर दास महाराज, स्वामी विजयानंद महाराज, स्वामी गोपालचार्य महाराज, स्वामी लोकेश दास, स्वामी प्रदीप दास, स्वामी नागेंद्र पूरी, महामंडलेश्वर वीरेंद्रानंद, महंत सध्वागिरी, स्वामी कृष्णकांत महाराज, महंत सुखबीर सिंह, पंडित रवि शास्त्री, प्रदीप शर्मा आदि संत-महात्माओं का माल्यार्पण और अंगवस्त्रम प्रदान कर आशीर्वाद प्राप्त किया गया। इससे पूर्व ध्वजा पूजन, विष्णुसहस्रनाम के पाठ के उपरान्त आमन्त्रित पूज्य संत-महात्माओं द्वारा श्री बद्रीनाथ जी व श्री हनुमानजी के ध्वज का आरोहण किया गया। संचालन प्रवक्ता डॉ. धीरेंद्र रांगड़ व पूजन कार्य पंडित रमेश पैन्यूली ने किया।
कार्यक्रम में ये रहे मौजूद
कार्यक्रम में पूर्व मंत्री शूरवीर सिंह सजवाण, राज्यमंत्री कृष्ण कुमार सिंघल, राज्यमंत्री भगतराम कोठारी, भगवान सिंह पोखरियाल, मुनिकीरेती पालिका अध्यक्ष रोशन रतूड़ी, कांग्रेस नेता राजपाल खरोला, संयोजक संजय शास्त्री, ज्योती सजवाण, गजेन्द्र सिंह कंडियाल, भगवान सिंह रांगड़, हुक्म सिंह रावत, प्यारेलाल जुगलान, तेजराम सेमवाल, जयेंद्र रमोला, ब्रह्मानंद भट्ट, बीसी पंत, पीताम्बर दत्त पैन्यूली, सुशील नौटियाल, धनसिंह रांगड़, दर्शनलाल आर्य, प्रताप सिंह सजवाण, विनोद शर्मा, चेतन शर्मा, आशाराम व्यास, कमला प्रसाद भट्ट, राहुल शर्मा, सुरेश उनियाल, लक्ष्मी सजवाण, सरोज डिमरी, शाकम्बरी बिष्ट, उषा भंडारी, विमला रावत, द्वारिका बिष्ट, पुष्पा ध्यानी, शीलू पंत, मीना गौड़, गुड्डू जोशी, रुक्मणी रौतेला, कुसुम जोशी, प्रमिला जोशी, तनु रस्तोगी, परमेश्वरी जोशी, मीनाक्षी जोशी, नंदन टोडरिया, रामबल्लभ भट्ट, ज्योति पंवार, मनोहर रौतेला, सुनील थपलियाल, विशाल मणि पैन्यूली, यतेंद्र कंडियाल आदि उपस्थित थे।
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मंत्रोचार और वाद्य यंत्रों ने भक्तिमय बनाया माहौल
ऋषिकश। देव डोलियों के स्नान से पूर्व त्रिवेणीघाट पर आयोजि धर्म ध्वजा के आरोहण से पूर्व पूजा और मंत्रोचार के बीच पूरा पंडाल भक्तिमय रंग में डूब गया। वहीं ढोल दमाऊ ने उसमें संस्कृति का रंग भी घोल दिया। महौल कुछ ऐसा बना कि धर्म ध्वाजा की स्थापना के तुरंत बाद त्रिवेणीघाट पर मंडाण लग गया। महिला-पुरूषों ने एक साथ नृत्य कर कदमता मिलाए। इस दौरान त्रिवेणीघाट की रौनक देखते ही बन रही थी।
सबसे पहले वर्ष 2010 के कुंभ में हुआ था आयोजन ऋषिकेश। श्री देवभूमि लोक संस्कृति विरासतीय शोभा यात्रा समिति से जुड़े तेजराम सेमवाल ने बताया कि धर्म की स्थापना और लोक संस्कृति के विस्तार के लिए पूर्व कैबिनेटइ मंत्री मोहन सिंह रावत गांववासी की पहल पर उतराखंड की देव डोलियों के कुम्भ स्नान की यह पहल वर्ष 2010 में की गई थी। इसके बाद वर्ष 2016 में यह आयोजन किया गया। अब वर्ष 2021 के महाकुंभ में 24, व 25 अप्रैल को ऋषिकेश और हरिद्वार में देव डोलियां स्थान करेंगी। इसमें शासन व प्रशासन का सहयोग मिल रहा है। उन्होंने बताया कि इस दौरान देवभूमि की देव डोलियों के कुंभ स्नान के साथ देश-विदेश में एक सनातनी सस्कृति के दिव्य दर्शन होंगे।

त्रिवेणी घाट परिसर में बदरीनाथ भगवान की धर्मध्वजा की स्थापना में भाग लेते श्रद्धालु।- फोटो : RISHIKESH

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