गंगा महोत्सव के समापन के मौके पर परमार्थ निकेतन पहुंचे छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका लक्ष्य छत्तीसगढ़ में दस करोड़ पौधे रोप पर्यावरण संरक्षण का संदेश देना है। इस दौरान उन्होंने पर्यावरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले पर्यावरण प्रेमियों को सम्मानित किया। उन्होंने परिवार के साथ सांध्य कालीन गंगा आरती की।
बृहस्पतिवार देरशाम छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह सपरिवार परमार्थ निकेेतन पहुंचे। ऋषिकुमारों ने मंत्रोच्चारण के साथ मुख्यमंत्री का स्वागत किया। आश्रम अध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती से मुलाकात कर पर्यावरण संरक्षण पर चरचा की। इस मौके पर उन्होंने गंगाघाट पर आयोजित सांध्य कालीन गंगा आरती में शिरकत की।
पतित पावनी की आरती कर उनका मन अभिभूत हो गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि मोक्षदायिनी निर्मल जल का आचमन और आरती करना उनके लिए सौभाग्य की बात है। कहा कि उनके राज्य की ढाई करोड़ जनता इस मौसम में दस करोड़ पौधे रोपकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश देंगे। कहा कि मां गंगा को निर्मल एवं स्वच्छ बनाए रखने के लिए पर्यावरण को प्रदूषण मुक्त रखना आवश्यक है।
और जनजागरण के माध्यम से ही गंगा प्रदूषण मुक्त हो सकती है। इस मौके पर परमाध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती ने उन्हें रुद्राक्ष का पौधा भेंट कर सम्मानित किया। मौके पर सीएम की पत्नी वीणा सिंह, पुत्र अभिषेक सिंह, सीएम प्रमुख सचिव अमन सिंह, ओएसडी अरुण सैन आदि मौजूद थे।
पर्यावरण प्रेमी हुए सम्मानित
मुनिकीरेती। परमार्थ निकेतन गंगातट पर सांध्यकालीन आरती में छत्तीगढ के सीएम रमन सिंह ने उत्तराखंड के पर्यावरण प्रेमियों को सम्मानित किया। इस मौके पर उन्होंने दर्शन महाविद्यालय अध्यक्ष गोपालाचार्य शास्त्री, सारथी सामाजिक संस्था के रवि शास्त्री, राम चौबे, पेड़ पंचायत दिल्ली के डा. एसएन मिश्रा, नीर फाउंडेशन के देव सिंह नेगी, हिमालय वाहिनी के वियजपाल बघेल और प्रताप पोखरियाल को रुद्राक्ष की माला और पौधा देकर सम्मानित किया।