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जंगल में भटका श्रद्धालुओं का दल

Thu, 16 Jun 2016 02:21 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश
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श्रद्धालुओं का एक दल जंगल में भटक गया। - फोटो : अमर उजाला
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नीलकंठ मंदिर से जलाभिषेक कर लौट रहा कई प्रांतों के श्रद्धालुओं का एक दल जंगल में भटक गया। पुलिस और वन विभाग की टीम ने संयुक्त रुप से रेस्क्यू कर करीब चार घंटे की मशक्कत के बाद श्रद्धालुओं को जंगल से ढूंढ निकाला। जंगल से सुरक्षित निकलने के बाद भी श्रद्धालु दहशत में दिखाई दिए। जान सलामती पर विभागीय टीम का आभार जताया।
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मंगलवार की रात करीब साढ़े 9 बजे दिल्ली, हरियाणा, बागपत, शामली के करीब 27 श्रद्धालुओं का दल नीलकंठ मंदिर में जलाभिषेक के बाद झिलमिल गुफा के समीप माता मंदिर जा रहे थे। मंदिर से आधा किलोमीटर आगे ही बढ़े थे कि अंधेरा होने के कारण रास्ता भटक गए।

रास्ता टाईगर रिजर्व वन क्षेत्र में होने के कारण सभी श्रद्धालु जंगल में फंस गए। काफी भटकने पर भी रास्ता नहीं मिला तो घबराकर दल में शामिल एक श्रद्धालु ने मोबाइल से लक्ष्मणझूला थाने का सूचित किया। श्रद्धालुओं के जंगल में फंसने की सूचना पर पुलिस में हड़कंप मच गया।
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पुलिस और वन विभाग की टीम आपदा उपकरण के साथ मौके पर रवाना हुई। टार्च और सर्च लाइट जलाकर जंगल में दल की खोजबीन की गई। चार घंटे बाद करीब एक बजे जंगल में भटके श्रद्धालुओं को पुलिस और वनकर्मी सुरक्षित निकालकर बाहर ले आए। रेस्क्यू टीम में लक्ष्मणझूला प्रभारी अमरजीत सिंह, उपनिरीक्षक प्रीतम सिंह, वन आरक्षी नवीन ध्यानी, मनोज चौहान, महेंद्र सिंह आदि शामिल थे।


नीलकंठ मंदिर से जलाभिषेक कर लौट रहा कई प्रांतों के श्रद्धालुओं का एक दल जंगल में भटक गया। पुलिस और वन विभाग की टीम ने संयुक्त रुप से रेस्क्यू कर करीब चार घंटे की मशक्कत के बाद श्रद्धालुओं को जंगल से ढूंढ निकाला। जंगल से सुरक्षित निकलने के बाद भी श्रद्धालु दहशत में दिखाई दिए। जान सलामती पर विभागीय टीम का आभार जताया।

मंगलवार की रात करीब साढ़े 9 बजे दिल्ली, हरियाणा, बागपत, शामली के करीब 27 श्रद्धालुओं का दल नीलकंठ मंदिर में जलाभिषेक के बाद झिलमिल गुफा के समीप माता मंदिर जा रहे थे। मंदिर से आधा किलोमीटर आगे ही बढ़े थे कि अंधेरा होने के कारण रास्ता भटक गए।

रास्ता टाईगर रिजर्व वन क्षेत्र में होने के कारण सभी श्रद्धालु जंगल में फंस गए। काफी भटकने पर भी रास्ता नहीं मिला तो घबराकर दल में शामिल एक श्रद्धालु ने मोबाइल से लक्ष्मणझूला थाने का सूचित किया। श्रद्धालुओं के जंगल में फंसने की सूचना पर पुलिस में हड़कंप मच गया। पुलिस और वन विभाग की टीम आपदा उपकरण के साथ मौके पर रवाना हुई।

टार्च और सर्च लाइट जलाकर जंगल में दल की खोजबीन की गई। चार घंटे बाद करीब एक बजे जंगल में भटके श्रद्धालुओं को पुलिस और वनकर्मी सुरक्षित निकालकर बाहर ले आए। रेस्क्यू टीम में लक्ष्मणझूला प्रभारी अमरजीत सिंह, उपनिरीक्षक प्रीतम सिंह, वन आरक्षी नवीन ध्यानी, मनोज चौहान, महेंद्र सिंह आदि शामिल थे।


ये यात्री जंगल में फंसे
राहुल पुत्र जसवीर, राजेश्वर, उनके पुत्र नीरज, मनीष, रमल, डोली पुत्री जयवीर, प्रदीप पुत्र जयेंद्र, गौरव पुत्र पप्पू निवासी ग्राम लियोन, शामली, ओमपाल पुत्र ऋषिपाल, अमित निवासी खेकड़ा बागपत, रामहरे उनके पुत्र दीपक, प्रदीप, अंकित निवासी नरेला, दिल्ली, मुबारकपुर, बागपत निवासी मूलचंद पुत्र बलेराम, कपिल पुत्र रामफूल, पम्मी पुत्र राजकुमार, विरेश पुत्र श्रीनिवास, कमलेश, दिनेश, पंक्ति पुत्री दिनेश पांडे, देशराज कालोनी, पानीपत हरियाणा निवासी सीमा पत्नी जोगेंद्र सिंह, उनकी पत्नी प्रियंका, मोहित, विशू, हनी पुत्र प्रमोद।

नीलकंठ क्षेत्र में श्रद्घालुओं के जंगल में रास्ता भटकने की सूचना मिली। तत्काल विभागीय टीम को रवाना किया  गया। एक बजे जंगल में फंसे श्रद्घालुुओं को निकाला गया।  
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आरपी नौटियाल, वनक्षेत्राधिकारी, गौहरी रेंज
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