आईडीपीएल फैक्टरी पर ऊर्जा निगम का 55.95 करोड़ का बिजली का बिल बकाया है। आईडीपीएल प्रबंधन को सेक्शन चार का नोटिस भेजने की तैयारी की जा रही है। पूर्व में सेक्शन तीन का नोटिस भेजा जा चुका है।
आईडीपीएल की कॉलोनी में वर्तमान में करीब 800 परिवार निवास कर रहे हैं। कोर्ट के आदेश पर इन लोगों से सिक्योरिटी राशि लेकर ऊर्जा निगम ने बिजली के अस्थाई कनेक्शन दे रखे हैं। आईडीपीएल फैक्टरी पर पूर्व का 55.95 करोड़ का बिजली का बिल बकाया है। बकाया भुगतान के लिए ऊर्जा निगम ने आईडीपीएल प्रबंधन को सेक्शन तीन का नोटिस पूर्व में दिया था। अब सेक्शन चार का नोटिस भेजने की तैयार कर रहा है।
क्या होता है सेक्शन चार
सेक्शन चार नोटिस सरफेसी अधिनियम के तहत एक महत्वपूर्ण कानूनी प्रक्रिया है। इसका उपयोग ऋणदाता को उधारकर्ता की ओर से बकाया राशि का भुगतान न करने पर सुरक्षित संपत्ति पर कब्जा करने के लिए किया जाता है। जब उधारकर्ता 60 दिनों की अवधि के भीतर बकाया राशि का भुगतान नहीं करता है तो ऋणदाता 13(4) नोटिस जारी कर सकता है। नोटिस सरफेसी अधिनियम के तहत ऋणदाता के लिए संपत्ति पर कब्जा करने का एक महत्वपूर्ण कानूनी उपकरण है। यह उधारकर्ता को बकाया राशि का भुगतान करने का अवसर देता है और यदि उधारकर्ता ऐसा करने में विफल रहता है तो ऋणदाता संपत्ति को बेच या पट्टे पर दे सकता है।
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Iआईडीपीएल प्रबंधन को 55.95 करोड़ का भुगतान करने के लिए सेक्शन तीन का नोटिस भेजा जा चुका है। अब निगम की ओर से सेक्शन चार का नोटिस भेजने की तैयारी की जा रही है।
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- शक्ति प्रसाद, ईई ऊर्जा निगम ऋषिकेशI