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खदरी क्षेत्र में हाथियों ने रौंदी धान की फसल

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खदरी में रात्रि गश्त करते वनकर्मी। - फोटो : RISHIKESH
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ग्रामसभा खदरी के खादर में बीते सोमवार रात राजाजी नेशनल पार्क क्षेत्र के जंगल से खेतों में घुसे जंगली हाथियों ने धान की फसल रौंदते हुए जमकर उत्पात किया। किसानों ने पटाखे फोड़कर हाथियों को भगाने का प्रयास किया, लेकिन वे टस से मस नहीं हुए। इसके बाद सूचना पर पहुंचे वन कर्मियों ने ग्रामीणों की मदद से हाथियों को जंगल की ओर खदेड़ा।
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वन क्षेत्राधिकारी ऋषिकेश एमएस रावत ने बताया कि हाथियों के गांव की सीमा में प्रवेश की सूचना पर तुरंत टीम को रवाना कर दिया गया। रात साढ़े 11 बजे कड़ी मशक्कत के बाद वनकर्मी हाथियों को जंगल की ओर खेदने में सफल रहे। स्थानीय किसान विनोद जुगलान, मोहर सिंह और सोहन लाल ने बताया कि जब वे सोमवार की रात नौ बजे खेतों में पहुंचे तो दो हाथी उनके खेतों की ओर बढ़ रहे थे। जिन्हें शोर मचाकर भगाने की कोशिश की गई, लेकिन वे टस से मस नहीं हुए। जंगल नजदीक होने के कारण गुलदार का खतरा बना रहता है, ऐसे में रातभर खेतों में रहना जोखिम भरा है। रात को गश्ती दल में वनविभाग के राम चन्द्र सिंह रावत, पूर्व सैनिक संजय सिंह रावत, वनकर्मी अनुराग सिंह, मनोज कुमार भोला, सोनू कुमार, कृषक मोहर सिंह, राय सिंह, सोहन लाल, मंगणि राम, धर्म पाल नेगी, चमन सिंह, विजय सिंह,रतन सिंह, मदन सिंह, कल्याण सिंह आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
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‘ऊर्जा बाड़ की देखरेख करें किसान’
वन क्षेत्राधिकारी एमएस रावत का कहना है कि खेतों की सीमा पर किसानों द्वारा लगाए गए पौधों की टहनियां सौर ऊर्जा बाड़ में टच हो जाने के कारण करंट लीक हो जाता है। परिणामस्वरूप ऊर्जा बाड़ कभी कभी काम नहीं करती। इसका लाभ लेते हुए वन्यजीव खेतों में प्रवेश कर जाते हैं। किसानों को चाहिए कि सौर ऊर्जा बाड़ की समय-समय पर देखरेख करें तो वन्यजीवों की खेतों में आमद स्थायी रूप से रोकी जा सकती है।
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