ऋषिकेश। विभागों में सामजस्य की कीमत जनता कैसे चुकाती है, इसका उदाहरण लक्ष्मणझूला रोड पर देखा जा सकता है। राष्ट्रीय राजमार्ग खंड श्रीनगर गढ़वाल की ओर से रोड का चौड़ीकरण तो कर दिया गया, लेकिन बिजली के पोल नहीं हटवाए। ऐसे में अब हर रोज राहगीर रात को इन बिजली के पोलों से टकरा रहे हैं।
लोनिवि राष्ट्रीय राजमार्ग खंड श्रीनगर गढ़वाल की ओर से सितंबर 2020 में राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 58 के चौड़ीकरण करने के लिए लोगों के मकानों पर निशान लगाए गए थे। अब लोगों ने अपने मकानों के आगे आए हिस्से और चहारदीवारी को तोड़कर पीछे कर दिया है। अब राष्ट्रीय राजमार्ग खंड की ओर से रोड को चौड़ीकरण के बाद इंटरलॉकिंग टाइल्स बिछा दी गई है। अब रोड चौड़ीकरण के बाद बिजली के पोल सड़क के बीच में आ गए हैं। इन पोलों को सड़क के किनारे शिफ्ट करने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग खंड की ओर से कोई कार्रवाई भी नहीं की गई। इससे रात के समय इस रोड आने जाने वाले वाहन सवार इन बिजली के पोलों पर टकरा रहे हैं। वहीं सड़क के किनारे खड़े हरे पेड़ों को कटवाने के लिए भी एनएच श्रीनगर डिवीजन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।
चंद्रभागा पुल से आगे का क्षेत्र विद्युत वितरण खंड मुनिकीरेती के पास है। फिर भी अधीनस्थों से जानकारी लेकर क्षेत्र की वास्तविक लोकेशन का पता किया जाएगा। यदि यह क्षेत्र ऋषिकेश डिवीजन के पास होगा तो जल्द ही वहां से बिजली के पोलों को किनारे शिफ्ट करने की कार्रवाई की जाएगी।
- डीपी सिंह, अधिशासी अभियंता, ऊर्जा निगम ऋषिकेश
चंद्रभागा पुल से असवाल रोलिंग शटर तक का क्षेत्र ऋषिकेश डिवीजन के पास है। इसलिए बिजली के पोल को शिफ्ट करने का वहीं करेंगे स्टीमेट भी राष्ट्रीय राजमार्ग खंड को वहीं देंगे।
- पंकज काला, अपर सहायक अभियंता ऊर्जा निगम
हाईवे से बिजली के पोलों को शिफ्ट करने के लिए विभाग की ओर से ऊर्जा निगम ऋषिकेश के अधिकारियों से पत्राचार किया गया है, वह बिजली के पोल शिफ्ट करने के लिए स्टीमेट नहीं दे रहे हैं, स्टीमेट देने के बाद विभाग उनके खाते में पैसा जमा करेगा, फिर बिजली के पोल हटेंगे।
- सोहन लाल, सहायक अभियंता लोनिवि एनएच श्रीनगर गढ़वाल