भैरवी की चिता को मुखाग्नि देती उनकी बेटी और इनसेट में भैरवी की फाइल फोटो
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बेजुबान जानवरों की सेवा की सेवा में लीन रहने वाली भैरवी अब इस दुनिया में नहीं है। बीस बीघा निवासी अनीता शर्मा (42 ) ऊर्फ भैरवी का रविवार को निधन हो गया। रूढीवादी परंपरा को तोड़ उसकी छोटी बेटी जानवी (14 )वर्ष ने मां की अंतिम इच्छा पूरी की। चंद्रेश्वरनगर स्थित श्मशानघाट पर बेटी ने नम ऑखों से मां की चिता को मुखाग्नि दी। भैरवी लंबे समय से कैंसर से पीड़ित चल रही थीं।
अनीता शर्मा की दो बेटी हैं, बड़ी बेटी शिवानी का विवाह हो चुका है। पति सुरेंद्र शर्मा दिल्ली में सरकारी सेवा में कार्यरत हैं। परिवार में बेटा नहीं होने पर अनीता शर्मा की अंतिम इच्छा थी की उसके मरने के बाद बेटी चिता को मुखाग्नि दे। छोटी बेटी ने नम आंखों से सोमवार को मां की अंतिम इच्छा पूरी की। गौरतलब है कि अनीता शर्मा ढाई दशकों से बेजुबान जानवरों और आवारा कुत्तों की नि:स्वार्थ सेवा करती थी। यही नहीं उनके आवास पर उनके पास कई कुत्ते, चूहा, बिल्ली, तोता अनेक प्रजातियों के जानवर हैं। जिनकी वह सेवा करती थी। अनीता शर्मा को कई धार्मिक संस्थाएं सम्मानित कर चुकी हैं।