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डॉक्टर साहब बैठते नहीं, बैरंग लौट रहे मरीज

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ऋषिकेश। सरकारी अस्पताल (एसपीएस) में लोगों को बड़ी आस थी कि अब हृदय रोगों का इलाज कराने में सहूलियत मिल सकेगी। असलियत ये है कि चिकित्सक की गैरमौजूदगी के कारण मरीजों को उलटे पांव मायूसी लिए वापस लौटना पड़ रहा है।
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बता दें, जर्मनी के मशहूर कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. एनजे कैम ने जिलाधिकारी देहरादून सी रविशंकर से मिलकर ऋषिकेश में अपनी नि:शुल्क सेवा देने की ईच्छा जताई थी। साथ ही उन्होंने बताया था कि वे सप्ताह में बुधवार और शुक्रवार को सरकारी अस्पताल में अपनी सेवाएं दे सकते हैं। इस पर जिलाधिकारी ने तत्काल मुख्य चिकित्साधीक्षक डॉ. एनएस तोमर को डॉ. कैम की सेवा स्वीकार कर उन्हें बैठने और परामर्श आदि के लिए पर्याप्त स्थान उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे। इसी क्रम में अस्पताल प्रशासन की ओर से डॉ. कैम को कमरा नंबर-7 आवटित कर जरूरी सुविधाएं भी मुहैया करा दी गईं। मगर बीते 29 नवंबर से अब तक डॉ. कैम ने केवल एक ही दिन बैठे। अब हालात यह हैं कि मजबूरन हृदय रोगियों को मायूस होकर वापस जाना पड़ रहा है।
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परिचर्चा
डॉक्टर साहब ने जांच की थी और इको टेस्ट कराने के लिए कहा था। टेस्ट की रिपोर्ट आ गई है, लेकिन उसे देखने के लिए यहां डॉक्टर साहब मौजूद ही नहीं हैं।
-केशवानंद, निवासी ढालवाला
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पता चला कि सरकारी अस्पताल में हृदय रोग विशेषज्ञ बैठते हैं। अपने पिता के स्वास्थ्य का निरीक्षण करवाना था, लेकिन यहां आकर देखा तो डॉक्टर के बैठने का कमरा बंद है।
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-संजय, निवासी आशुतोष नगर
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डॉ. कैम से फोन पर वार्ता की गई है। उन्होंने बताया है कि किसी आवश्यक कार्यवश वह आने में असमर्थ हैं। शुक्रवार से वह मरीजों का इलाज शुरू कर देंगे।
-डॉ. एनएस तोमर, चिकित्साधीक्षक, एसपीएस अस्पताल
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