राजनीतिक दलों एवं निर्दलीय प्रत्याशियों के समर्थन में लाउडस्पीकर पर बज रहे गाने बोर्ड परीक्षा की तैयारी में जुटे छात्र-छात्राओं की पढ़ाई में खलल डाल रहे हैं। चुनाव के इस शोर से बुजुर्ग और बीमार भी परेशान हैं। छात्र लाउडस्पीकर से चुनाव प्रचार पर रोक लगाने की मांग कर रहे हैं।
धीरे-धीरे चुनाव प्रचार चरम पर पहुंच रहा है। प्रत्याशी व उनके समर्थक प्रचार में पूरी ताकत झोंक रहे हैं। घर-घर प्रचार के अलावा गली मोहल्लों में लाउडस्पीकर लगे वाहन सुबह से देर शाम तक चक्कर लगा रहे हैं। इन दिनों सभी विद्यालयों में प्री-बोर्ड परीक्षाएं भी आयोजित की जा रही हैं। वहीं उत्तराखंड बोर्ड का परीक्षा कार्यक्रम भी घोषित कर दिया गया है। छात्र पढ़ाई में जुटे हैं, लेकिन चुनावी शोर छात्रों को पढ़ने नहीं दे रहा है। बतादें कि कक्षा 10 एवं 12 की बोर्ड परीक्षा 21 फरवरी से शुरू होने जा रही है।
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- शहर की गलियों में तेज आवाज कर दौड़ रहे चुनाव प्रचार के वाहन से पढ़ने में बहुत परेशानी हो रही है। इसे बंद किया जाना चाहिए। -अरुण निषाद
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लाउडस्पीकर पर गाने बजाकर चुनाव प्रचार प्रतिबंधित किया जाना चाहिए। इससे ध्वनि प्रदूषण के साथ ही छात्रों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही हैं।- ज्योति त्रिशूलिया
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- जल्द ही बोर्ड की परीक्षाएं होने वाली हैं। छात्र तैयारी में जुटे हैं। लेकिन लाउडस्पीकर का शोर-शराबा पढ़ाई में खलल डाल रहा है। लाउडस्पीकर का प्रयोग प्रतिबंधित किया जाना चाहिए। - अंशिका सोनी
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- प्रत्याशियों के प्रचार के लिए तेज आवाज में लाउडस्पीकर से गाना बजाने की होड़ मची हुई है। बीमार व्यक्तियों व छात्रों को दिक्कतें हो रही हैं। प्रशासन को इसे तत्काल बंद कर देना चाहिए। - अपराजित रयाल
पर्चा दिखाता विनोद।
पर्चा दिखाता विनोद।
पर्चा दिखाता विनोद।