बैसाखी पर्व पर गंगा घाट और तटों पर श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई। स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने फक्कड़ बाबाओं और जरूरतमंदों को अन्न, धन, वस्त्र आदि का दान किया। इस दौरान कई लोगों ने गंगा घाट पर भंडारे का आयोजन कर कर प्रसाद वितरित किया।
शनिवार सुबह से ही त्रिवेणीघाट, बहत्तर सीढ़ी, साईंघाट, मुनि की रेती स्थित पूर्णानंद घाट, नावघाट, तपोवन, लक्ष्मणझूला स्थित संत सेवा घाट, गीताभवन घाट, भारत साधु समाज घाट, परमार्थ निकेतन घाट, वानप्रस्थ घाट आदि जगहों पर श्रद्धालुओं ने गंगा में स्नान किया। गंगा घाटों पर स्नान को सिलसिला शाम तक चलता रहा। श्रद्धालुओं ने गंगा में दीपदान भी किया। वहीं, घरों पर भी लोगों ने विभिन्न प्रकार के पकवान बनाए। लोगों ने उन कन्याओं का भी स्वागत किया जो चैत्रमास में घर की दहलीज में फूल डालते रहे। सिख समुदाय के लोगों ने भी एक-दूसरे को बैसाखी पर्व की बधाइयां दी।
बैसाखी और वीकेंड होने से लगा जमा
बैसाखी पर्व और वीकेंड होने से पर्यटकों का अधिक दबाव रहा। जिससे जाम की स्थिति रही। कोयलघाटी, घाट चौक, पुरानी चुंगी, देहरादून तिराहा, चंद्रभागा पुल, कैलासगेट, खारास्रोत, शिवानंद गेट, तपोवन गेट आदि जगहों पर पूरे दिन जाम लगा रहा। आंतरिक मार्गों के भी यही हाल रहा। जगह-जगह पुलिस कर्मी व्यवस्था बनाने में जुटे रहे। जबकि चौदहबीघा क्षेत्र में स्थानीय लोगों ने बाहरी वाहनों को प्रवेश नहीं करने दिया।