दो दिन बाद 14 जुलाई से शुरू होने जा रही कांवड़ यात्रा की तैयारियों को लेकर एसडीएम शैलेंद्र सिंह नेगी ने तहसील परिसर में एक समीक्षा बैठक आयोजित की। बैठक में जल संस्थान, स्वास्थ्य विभाग, नगर निगम, पुलिस प्रशासन, होटल, धर्मशाला, टैक्सी, बस यूनियन व्यापारी आदि ने प्रतिभाग किया।
सोमवार को आयोजित बैठक में एसडीएम शैलेंद्र सिंह नेगी ने कहा कि कोरोना संक्रमण के कारण बीते दो वर्ष कांवड़ यात्रा स्थगित हो गई थी। वर्ष 2019 में तीन करोड़ शिवभक्त यहां पहुंचे थे। इस बार यात्रा में चार करोड़ से अधिक शिव भक्तों की आने की उम्मीद है। दो दिन बाद यात्रा का आगाज होने जा रहा है। इसके लिए विभागीय अधिकारी अपने स्तर पर मूलभूत सुविधाएं दुरुस्त कर दें।
एसडीएम ने बताया कि शिवभक्तों के वाहनों के लिए आईडीपीएल में तीन पार्किंग बनाई गई है। जहां करीब दस हजार वाहनों की क्षमता है। इसके अलावा भरत विहार और श्री भरत मंदिर इंटर कॉलेज के समीप भी पार्किंग व्यवस्था की गई है। वाहनों का दबाव बढ़ा तो चंद्रभागा पुल के नीचे भी पार्किंग व्यवस्था की जाएगी। सभी पार्किंग स्थलों पर विद्युत, पेयजल, अस्थायी शौचालय और स्वास्थ्य कैंप की व्यवस्था की गई है।
एसडीएम ने बैठक में रायवाला, श्यामपुर और ऋषिकेश क्षेत्र के व्यापारियों से अपने दुकानों के आगे शिवभक्तों के लिए पेयजल और कूड़ेदान की व्यवस्था के साथ दुकानों और होटलों में रेट लिस्ट चस्पा करने के निर्देश दिए हैं। कांवड़ के दौरान तीर्थनगरी के स्कूल बंद रहेंगे या खुले रहेंगे इस बारे में जिलाधिकारी से पत्राचार किया जा रहा है। एसडीएम ने नगर निगम को यात्रा के दौरान निगम क्षेत्र में सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए। इस मौके पर पुलिस क्षेत्राधिकारी दिनेश चंद्र ढौंडियाल, यातायात निरीक्षक हितेश कुमार, तहसीलदार अमृता शर्मा, एसीएमओ डॉ. कैलाश गुंज्याल, देवभूमि उत्तरांचल उद्योग व्यापार मंडल राजकुुमार अग्रवाल, अंशु अरोड़ा, प्रमोद शर्मा, मनोज ध्यानी, नवीन तिवारी आदि शामिल थे।