फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

डेंगू मरीजों की संख्या 200 पार, फॉगिंग में निगम लाचार

विज्ञापन
राजकीय चिकित्सालय के डेंगू वार्ड में भर्ती मरीज। - फोटो : RISHIKESH
विज्ञापन
देहरादून के बाद ऋषिकेश में भी डेंगू की संख्या तेजी से बढ़ती जा रही है। यहां अब तक डेंगू से पीड़ित रोगियों की संख्या करीब 200 से पार हो चुकी है। इसके अलावा प्रत्येक दिन पांच से सात मरीज नगर के निजी अस्पतालों में इलाज हो पहुंच रहे है। अकेले राजकीय चिकित्सालय में यह आंकड़ा शनिवार तक 106 मरीजों तक पहुंच गया है। एसपीएस की पैथोलॉजी लैब से प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक पिछले दो माह में अभी तक 106 मरीजों के ब्लड सैंपल में डेंगू की पुष्टि हुई है। इसी तरह नगर के निजी अस्पतालों में 100 से अधिक डेंगू के मरीज आ चुके हैं।
विज्ञापन

दूसरी ओर डेंगू से निपटने के लिए नगर निगम बिल्कुल भी सजग नहीं दिख रहा है। यहां 40 वार्डों में डेंगू की रोकथाम के लिए सिर्फ दो फॉगिंग मशीन ही उपलब्ध हैं। आलम यह है कि प्रत्येक वार्ड के पार्षद काफी मिन्नतें कर चुके हैं, इसके बावजूद अधिकांश वार्डों में सिर्फ एक बार ही फॉगिंग हो पाई है। नगर पालिका परिषद से नगर निगम बनने के बाद यहां 20 वार्डों की वृद्धि हुई है। अब कुल 40 वार्डों में सप्ताह में एक बार फॉगिंग किया जाना चाहिए। मगर, यहां कई वार्ड ऐसे हैं, जहां फॉगिंग सिर्फ एक बार ही हुई है। कई वार्ड ऐसे भी है जो फॉगिंग के इंतजार में बैठे हैं।
इन वार्डों में सिर्फ एक बार हुई फॉगिंग
वार्ड संख्या 12, 22, 26, 29, 30, 31, 32, 34, 35, 36, 38, 40 ऐसे हैं जहां अब तक सिर्फ एक ही बार फॉगिंग हुई है।
फॉगिंग के लिए करनी पड़ रही मिन्नतें
पार्षद राकेश सिंह मियां ने बताया कि अभी तक उनके वार्ड में एक बार ही फॉगिंग हुई है। फॉगिंग को लेकर कई बार अवगत कराया है, लेकिन फॉगिंग नहीं हो पाई। पार्षद राधा रमोला ने बताया कि फॉगिंग को लेकर कई बार दरख्वास्त लगा चुकी हूं। अब तक एक बार फॉगिंग हो पाई। पार्षद राजेंद्र प्रेम सिंह बिष्ट और देवेंद्र प्रजापति ने बताया कि पिछले माह से फॉगिंग के लिए कई बार बोला जा चुका है। इसके बावजूद सफाई कर्मियों ने आकर एक बार फॉगिंग की। वह भी आधे वार्ड तक ही सीमित रह पाई। पार्षद प्रभाकर शर्मा ने बताया कि एक बार फॉगिंग के लिए मशीन जरूर आई थी लेकिन वह खराब हो गई। इसके बाद फॉगिंग नहीं हो पाई। पार्षद गौरव कौशिक ने बताया कि करीब 25 दिन पूर्व उनके वार्ड में फॉगिंग हो पाई थी, इसके बाद सफाई कर्मियों ने यहां आना जरूरी नहीं समझा। यही बात पार्षद विपिन पंत, पार्षद वीरेंद्र रमोला, पार्षद रश्मि, पार्षद लक्ष्मी रावत, पार्षद सुंदरी कंडवाल, पार्षद गुरविंदर, पार्षद मीनाक्षी बिरला ने भी दोहराई।
विज्ञापन

पुलिस कर्मियों को भी डेंगू मार चुका डंक
डेंगू के डंक से पुलिस कर्मी भी अछूते नहीं है। पुलिस कर्मियों को भी डेंगू ने अपनी चपेट में लिया है। यही नहीं इनके परिवार के सदस्यों को भी डेंगू हो चुका है। एम्स चौकी इंचार्ज राज विक्रम सिंह पंवार अपने परिवार के साथ डेंगू की चपेट में आ चुके हैं। इसी तरह सब इंस्पेक्टर सोमेश उनियाल भी इसकी चपेट में है। इनका नगर के निजी अस्पतालों में उपचार चल रहा है। पुलिस क्षेत्राधिकारी वीरेंद्र सिंह रावत ने बताया कि पुलिसकर्मियों को डेंगू से बचने के लिए जागरूक किया जा रहा है। गश्त के दौरान इन्हें पूरे बाजू के कपड़े पहनने को कहा गया है। साथ ही तबियत में थोड़ा सा भी बदलाव हो तो इन्हें नजदीकी अस्पताल भी भेजा जा रहा है। पुलिस की ओर से अपने सिपाहियों को पूरा सहयोग दिया जा रहा है।
कोट्स
हमारे पास फॉगिंग के लिए दो मशीनें उपलब्ध हैं, इसमें एक मशीन हाथ से चलाने वाली छोटी है, जबकि दूसरी मशीन बड़ी है। प्रत्येक वार्ड में दो बार फॉगिंग की जा चुकी है। इसके अलावा कीटनाशक दवाओं का लगातार छिड़काव किया जा रहा है।
विज्ञापन

- सचिन रावत, सफाई निरीक्षक, नगर निगम
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें