तपोवन के एक आश्रम में प्राधिकरण के खिलाफ बैठक करते ग्रामीण।
- फोटो : RISHIKESH
ऋषिकेश। तपोवन के एक आश्रम में ग्राम सभा तपोवन, घुगतानी तल्ली मल्ली, जामरी, काटल, बड़ेडा, बड़कोट, पाथों, कोड़ार, नीर, क्यार्की, शिवपुरी आदि गांवों के ग्रामीणों ने एक बैठक आयोजित की। बैठक में ग्रामीणों ने जिला विकास प्राधिकरण के विरोध में कानूनी कार्रवाई व जन आंदोलन करने की चेतावनी दी है।
सोमवार को पूर्व जिला पंचायत सदस्य राजेंद्र सिंह भंडारी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में ग्रामीणों ने अपने गांवों को जिला प्राधिकरण से मुक्त करने पर चर्चा की। ग्रामीणों ने कहा कि तपोवन, घुघतानी क्षेत्र में वर्ष 1986 में हरिद्वार प्राधिकरण आ गया था, लेकिन तब भी ग्रामीणों ने इसका विरोध किया था, प्राधिकरण ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया था कि क्षेत्र में प्राधिकरण लागू होने से क्षेत्र का विकास होगा। लेकिन वर्ष 2017 तक धरातल पर सब शून्य था। प्राधिकरण ने अपनी भ्रष्ट नीति के कारण बाहरी लोगों को तपोवन क्षेत्र में बसा दिया है। जिसके कारण तपोवन क्षेत्र में अवैध निर्माणों को मकड़जाल बिछ गया है। कहा 1976 नीति के तहत प्राधिकरण केवल शहरों पर लागू होता है, ग्राम पंचायतों पर नहीं है। लेकिन यहां प्राधिकरण ग्राम पंचायतों पर लागू हो रहा है। जिसका ग्रामीण पुरजोर विरोध कर रहे हैं। इस मौके पर मोहन बिष्ट, अर्चना चौहान, पार्वती देवी, दीपक पुंडीर, राजेंद्र रावत, विजेंद्र कंडारी, गोपाल चौहान, भगवती प्रसाद भट्ट, उदय पुंडीर, राजेश ग्वाड़ी, जगत सिंह नेगी आदि मौजूद थे।