रानीपोखरी न्याय पंचायत में करीब दो वर्ष पहले खुली सरकारी गैस एजेंसी तक पहुंचने वाले मार्ग खस्ताहाल है। अभी तक मार्ग का निर्माण नहीं होने के कारण एजेंसी कर्मी, उपभोक्ता ऊबड़ खाबड़ और पथरीली पगडंडी पर आवाजाही को मजबूर हैं। स्थिति यह कि सड़क पर बिखरे पत्थरों से पैदल चलने वाले लोग ठोकर और वाहन सवार हिचकोले खा रहे हैं।
रानीपोखरी में मुख्य हाईवे से करीब एक किलोमीटर दूर लिस्ट्राबाद क्षेत्र में काफी संघर्ष के बाद नवंबर 2013 में जीएमवीएन ने गैस एजेंसी खोली। एजेंसी वर्तमान में सुचारू रूप से संचालित हो रही और लोगों को इससे लाभ भी मिल रहा है।
हैरत वाली बात यह है कि गैस एजेंसी खुले दो साल हो चुके हैं, लेकिन गैस एजेंसी को जोड़ने वाला संपर्क मार्ग दुरुस्त नहीं हो पाया है। हाईवे से एजेंसी की ओर जाने वाले रास्ते में पत्थर और धूल-मिट्टी से लोगों को आवाजाही में खासी दिक्कत होती है।
क्षेत्रवासी सुधीर रतूड़ी, शैलेंद्र तोमर, संजय कुमार, प्रेम पुंडीर, सुबोध जायसवाल ने बताया कि गैस एजेंसी संपर्क मार्ग की मांग ग्रामीण लंबे समय से उठा रहे हैं। मार्ग के लिए प्रशासन से भी गुहार लगाई, लेकिन अभी तक सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई। लोगों का कहना है कि मामले में जल्द एक प्रतिनिधिमंडल पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता से मुलाकात कर मार्ग के दुरुस्त करने की मांग करेगा।
इनकी सुनिए
गैस एजेंसी की ओर जाने वाले रास्ते के किनारे खाली भूमि पर मिनी स्टेडियम के प्रस्तावित है। पहले शासन स्तर से संपर्क मार्ग और स्टेडियम निर्माण को मंजूरी भी मिली थी, लेकिन वन विभाग ने वन भूमि बताते हुए इस पर अड़ंगा लगा दिया। मामले को लेकर मुख्यमंत्री को दोबारा प्रस्ताव भेजा गया है।-गीता जायसवाल, क्षेत्र पंचायत सदस्य, रानीपोखरी