आए दिन भूस्खलन, जलभराव की घटनाएं सामने आ रही हैं। इसके बावजूद आपदा प्रबंधन के आंकड़ों की मानें तो हर तरफ शांति शांति है। पिछले करीब एक महीने से आपदा प्रबंधन के लिए कंट्रोल रूम गठित किया गया है लेकिन इस अवधि में एक भी शिकायत यहां दर्ज नहीं हो पाई है। आपदा से निपटने के लिए बरसात के दौरान संवाद बनाए रखने और राहत के लिए तहसील में आपदा प्रबंधन की ओर से कंट्रोल रूम बनाया गया है। दावा है कि कंट्रोल रूम में चौबीस घंटे कर्मचारियों की ड्यूटी लगा रखी है। एक जुलाई से शनिवार 27 जुलाई तक इस कंट्रोल रूम में अभी तक एक भी शिकायत दर्ज नहीं हो पाई है।
आपदा की यदि बात करें तो बीते आठ और नौ जुलाई की देर रात हुई भारी बारिश के चलते सुबह करीब चार बजे रायवाला के खांड गांव के खरोला प्लाट में पुश्ता ढह जाने से आस पास के दर्जन भर भवनों को खतरा पैदा हो गया था। पीड़ित ग्रामीणों की शिकायत और जिलाधिकारी के निर्देश पर 15 दिन बाद आपदा राहत कोष से छह लाख रुपये तार जाल लगाने के लिए भेजे गए और इस कार्य शुरू किया गया। इसी तरह बीते 29 जून को श्यामपुर के गुलरानी फार्म में खैर का पेड़ गिरने से दिलीप सिंह की झोपड़ी क्षतिग्रस्त हुई, 15 जुलाई को कृष्णा नगर में मदन पाल का मकान क्षतिग्रस्तहुआ जबकि बीते 29 जून को विक्रम जीना व जीत बहादुर की गुमानीवाला में गौशाला क्षतिग्रस्त हो गई थी।
तीन घंटे की बारिश से कई क्षेत्रों में घुसा पानी
तीर्थनगरी और आसपास के क्षेत्रों में शनिवार को सुबह से लेकर शाम तक भारी वर्षा का दौर जारी रहा। नगर क्षेत्र के आशुतोष नगर, बनखंड़ी, गंगा नगर, चंद्रेश्वर नगर, मायाकुंड, आईडीपीएल आदि क्षेत्र में दिन में लगभग तीन घंटे जमकर बारिश हुई। बारिश का सिलसिला देर शाम को भी जारी रहा। इस दौरान इन क्षेत्रों के चौक चौराहे जलमग्न हो गए और नालों का पानी सड़क पर आने से लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। ड्रेनेज सिस्टम फेल होने से नालियों का पानी सड़कों पर बहता रहा शहर के विभिन्न गली मुहल्लों में बरसाती पानी जमा होने से लोग घरों में ही दुबके रहेे। इस दौरान विशेषकर हरिद्वार मार्ग पुरानी चुंगी से आटोनॉमस कॉलेज तक, शांति नगर, सर्वहारा नगर, रेलवे मार्ग, घाट रोड, चौदहबीघा, कैलाश गेट, माया कुंड, प्रगति विहार, तहसील चौक और बैराज मार्ग पर अत्यधिक जल भराव के कारण लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। शनिवार को विद्यालयों में अवकाश घोषित होने से छात्रों व उनके अभिभावकों ने राहत सांस ली।
बारिश से मकान की दीवार ढही
शुक्रवार की शाम करीब साढ़े छह बजे तेज बारिश के कारण वार्ड संख्या 29 बीस बीघा क्षेत्र में एक मकान की पहली मंजिल की दीवार अचानक गिर गई। गनीमत रही हादसे की चपेट में आकर कोई घायल नहीं हुआ। घटना का नजारा देख दूसरे कमरे से परिवार के सदस्य तुरंत नीचे उतर आए। परिवार के मुखिया छविलाल शर्मा ने बताया कि वह कारपेंटर का काम करते हैं। उन्होंने यहां मकान 22 वर्ष पहले बनाया था। पहली मंजिल बीते 12 वर्ष पूर्व ही बनाई थी, जिसकी एक दीवार शुक्रवार की देर शाम बारिश की चपेट में आने ढह गई। उन्होंने बताया कि घटना के वक्त उनके घर में पत्नी मिथलेश शर्मा और बच्चे मौजूद थे। उन्हें कोई चोट नहीं आई है। दीवार बेड के ऊपर गिरी। इस कारण बेड टूट गया है। वहीं, प्रशासन की ओर से पटवारी सतीश चंद जोशी मौके पर पहुंचे और पूछताछ के बाद रिपोर्ट एसडीएम ऋषिकेश को भेज दी है।