ऋषिकेश। पशुपालन विभाग के पशुलोक स्थित डेयरी की मॉनिटरिंग न होने से यहां पाली जाने वाली गायों की देखभाल सही ढंग से नहीं हो पा रही है। सात कर्मचारी होने के बावजूद गोबर की सफाई ढंग से नहीं हो पा रही है। ऐसे में गाय कीचड़ में बैठ रही हैं।
पशुपालन विभाग के इस डेयरी फार्म में छोटी बड़ी 119 गायें पाली जाती हैं। इनमेें से 35 गाय दूूध देती हैं। अमर उजाला की टीम ने बृहस्पतिवार को जब डेयरी फार्म का निरीक्षण किया तो मौके पर गायें कीचड़ में बैठी मिलीं।
डेयरी फार्म के प्रभारी डॉ. उत्तम कुमार ने बताया कि इस डेयरी फार्म में 119 गायों की देखभाल करने के लिए सात स्थाई कर्मचारी तैनात हैं। बृहस्पतिवार को दो कर्मचारी अवकाश पर थे। जो पांच कर्मचारी ड्यूूटी पर हैं, वह सुबह छह बजे से 12 बजे तक रहते हैं। दूसरे कर्मचारी दो बजे के बाद आते हैं। गायों की नीचे गोबर को पानी से साफ क्यों नहीं किया गया, पूछने पर उनका कहना था कि दो बजे के बाद ही सफाई होती है। लेकिन जिस प्रकार इस डेयरी फार्म में रखरखाव किया जा रहा है, उससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि रातभर गोबर गोमूत्र में रहने बाद के गोबर की सफाई दोपहर दो बजे के बाद ही की जाती होगी।
फ्रिजवाल, जर्सीवाल क्रास गाय, दूध चार लीटर
पशुपालन विभाग के पशुलोक स्थित डेयरी फार्म में फ्रिजवाल, जर्सीवाल क्रास नस्ल की गाय पाली जाती हैं। उचित रखरखाव न होने और हरे चारे का इंतजाम न होने के कारण दस-दस लीटर दूध देने वाली गाय चार और दो लीटर दूध देने पर सिमट गई हैं।
कोट
यदि डेयरी फार्म में गायों का रखरखाव ढंग से नहीं हो पा रहा है तो उसे दिखवाया जाएगा। कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। व्यवस्थाएं दुरुस्थ की जाएंगी। लापरवाह कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ.जगमोहन असवाल, परियोजना निदेशक पशुपालन विभाग, पशुलोक