त्रिवेणीघाट पर राजस्थान के पत्थरों से सौंदर्यीकरण का कार्य करते शाहरुख और जावेद।
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ऋषिकेश। राजस्थान के शाहरुख और जावेद त्रिवेणीघाट पर राजस्थान की कलाकारी का जलवा बिखेर रहे हैं। वह घाट पर राजस्थान के पत्थरों की नकासी से घाट पर पत्थरों की रेलिंग बना रहे हैं। जो त्रिवेणीघाट की सुंदरता पर चार चांद लगा रहे हैं। घाट पर ये दो लोग जो राजस्थानी की नकासी लगा रहे हैं, उन नकासी को स्वयं ही इन दोनों लोगों ने अपने हाथों से तरासा है।
धौलपुर जिला राजस्थान निवासी शाहरुख और जावेद ने बताया कि राजस्थान में उनके पूर्वज इन्हीं पत्थरों पर नकासी करते हैं। राजस्थान में 95 फीसद घरों पर पत्थरों की नकासी से ही रेलिंग बनाई गई है। पत्थरों की नकासी ही राजस्थान की पहचान हैं। जावेद ने बताया कि उन्हें यह काम करते हुए करीब 20 वर्ष हो चुके हैं, उनके पूर्वज यही काम करते हैं। दादा के बाद पिता, पिता के बाद अब मैं इस कलाकारी में जुटा हुआ हूं।
शाहरुख ने कहा कि वह बीते चार वर्षों से इस काम में जुटे हुए हैं। उनके पूर्वज भी इसी काम को करते हैं। उन्होंने बीए किया हुआ है। यह उनका पार्ट टाइम काम हैं। वह रेलवे की तैयारी कर रहे हैं, लेेकिन कोरोना कॉल में कोई विकल्प नहीं होने के कारण वह पूर्वजों की विरासत को आगे बढ़ाने में जुटे हुए हैं। कहा त्रिवेणीघाट पर जो रेलिंग बनाई जा रही है, वह उन्होंने ही स्वयं तैयार किया है। और राजस्थान से वह स्वयं इन्हें अपने साथ लेकर यहां लगा रहे हैं। गौरतलब है कि नगर निगम ऋषिकेश की ओर से त्रिवेणीघाट पर घाट के सौंदर्यीकरकण के लिए यह कार्य किया जा रहा है। घाट पर राजस्थान के पत्थरों की नकासी पर्यटकों और स्थानीय लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं।