ब्यूरो/अमर उजाला/ऋषिकेश।
पुरानी चुंगी हरिद्वार रोड के पास कांग्रेस नेता पर कुछ लोगों ने हमला कर बुरी तरह घायल कर दिया। इस मामले में दोनों पक्षों की ओर से कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई गई है। पुलिस मामले की विवेचना में जुट गई है।
जानकारी के मुताबिक कांग्रेस नेता जयपाल जाटव बुधवार सुबह 9:15 बजे अपने पुरानी चुुंगी हरिद्वार रोड स्थित कार्यालय के बाहर खड़े थे। तभी आधा दर्जन महिला, पुरुषों ने अचानक हमला बोल दिया। साथ ही जातिसूचक शब्दों का भी प्रयोग किया। शोर शराबा सुनकर स्थानीय लोग भी मौके पर पहुंचे और बीच बचाव किया। इसके बाद जख्मी जयपाल को राजकीय चिकित्सालय लाया गया। यहां मेडिकल कराने के बाद कांग्रेसी नेता कई समर्थकों के साथ कोतवाली पहुंचे और छह लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। आरोपियों में संजय राजभर, अजय राजभर, विजय राजभर तीनों पुत्र स्व. सुरेन्द्र राजभर सभी निवासी शिवाजीनगर ऋषिकेश, सोनिया पत्नी कृष्णा, शैला पत्नी स्व. सुरेंद्र, ममता पत्नी संजय राजभर शामिल हैं। मारपीट में जयपाल के सिर व हाथ पर गंभीर चोटें आई हैं।
उधर, दूसरे पक्ष की ओर से शैला देवी पत्नी स्व. सुरेंद्र ने कांग्रेसी नेता जयपाल जाटव, प्रवीण जाटव, जतिन जाटव सहित अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। शैला का आरोप है कि जयपाल जाटव और उसके साथियों ने उनके घर मेें घुसकर मौजूद महिलाओं के साथ मारपीट और जान से मारने की धमकी दी है। कोतवाल रितेश शाह ने बताया कि जयपाल जाटव की ओर से इस मामले में एससी, एसटी एक्ट में मुकदमा दर्ज किया गया है, जबकि शैला देवी की ओर से घर में घुसकर मारपीट और जान से मारने की धमकी देने के आरोप में मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया है। पुलिस मामले की विवेचना में जुट गई हैं।
पुरानी चुंगी पर कब्जेदारी से जुड़ा है मामला
बता दें, पिछले कई महीने से पुरानी चुंगी पर अवैध कब्जेदारी की शिकायत जयपाल जाटव की ओर से निगम में की जा रही थी। उन्होंने नगर निगम प्रशासन को पत्र लिखकर अवगत कराया था कि पूर्व में जिस कर्मचारी को पुरानी चुंगी के बने कमरे में रहने को मंजूरी दी गई थी उसका स्थानांतरण अन्यत्र हो गया है। अब अन्य लोगों ने चुंगी के भवन में अवैध कब्जा कर लिया है। इसके लिए जयपाल जाटव ने निगम प्रशासन से संपत्ति को अधिग्रहीत करने की भी मांग उठाई थी। आरोप भी लगाया था कि नगर का एक नामी व्यवसायी इस अवैध कब्जेदारी के पीछे अहम भूमिका निभा रहा है। इसी मामले को लेकर दोनों पक्षों में काफी दिनों से खिंचाव की स्थिति बनी हुई थी।