ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश। तीर्थनगरी में आयकर विभाग की छापेमारी के बाद कालेधन का मामला प्रकाश में आया है। एक एनआरआई महिला को स्थानीय बिल्डर ने लगभग 40 लाख का फ्लैट बेचा। दस्तावेजों में संपत्ति की कीमत महज 20 लाख 47 हजार रुपये दर्शाई गई। बाकी की रकम टुकड़ों में लेकर उसका दस्तावेजों में कहीं खुलासा ही नहीं किया गया। महिला ने जब रजिस्ट्री दस्तावेज में रकम का हेरफेर देखा तो बिल्डर पर नई रजिस्ट्री कराने का दबाव बनाया। उधर, बिल्डर संपत्ति की वास्तविक रकम का खुलासा करने को तैयार नहीं है। इस मामले में फिलहाल आयकर विभाग की ओर से शिकायत दर्ज कराई गई है।
जानकारी के मुताबिक डॉ. आशा कामनानी अमेरिका में रहती हैं। वे साल में एक बार आकर भारत में आती हैं, जिसके लिए उन्होंने ऋषिकेश में फ्लैट लेने का मन बनाया। इसी बीच बिचौलिए के माध्यम से उन्हें तपोवन स्थित कैलाश अपार्टमेंट में फ्लैट दिखाया गया। फ्लैट की कीमत करीब 40 लाख रुपये बताई गई। डॉ. आशा का कहना है कि जब कीमत अदा करने की बारी आई तो ललित कक्कड़ और सचिन नामक बिचौलियों ने कई दिनों तक उन्हें गुमराह किया। फ्लैट के असली मालिक का नाम पूछने पर बताया गया कि फ्लैट के मालिक सुदामा प्रसाद सिंघल नामक शख्स हैं।
डॉ. आशा ने शर्त रखी कि वह फ्लैट की पूरी रकम का चेक सुदामा सिंघल के नाम पर ही जारी करेंगी। बिचौलिए इस बात पर राजी करने में कामयाब हुए कि 20 लाख 47 हजार का चेक एक बार जबकि बाकी की करीब 20 लाख की राशि टुकड़ों में अदा की जाएगी। 19 दिसंबर 2018 को सुदामा प्रसाद सिंघल ने फ्लैट की रजिस्ट्री डॉ. आशा कामनानी के नाम कर दी। चूक ये हुई कि दस्तावेजों में सिर्फ 20 लाख 47 हजार की राशि ही दर्शाई गई। बिल्डर की इस हरकत से नाराज डॉ. आशा कामनानी अब नए सिरे से रजिस्ट्री करवाने पर अड़ी हुई हैं। उधर, बिल्डर सुदामा प्रसाद सिंघल उन्हें अब भी टरकाने में लगे हुए हैं।
एनआरआई ने पुलिस के पास दर्ज करवाई शिकायत
डॉ. आशा कामनानी का आरोप है कि बिल्डर सुदामा सिंघल उन पर लगातार दबाव बना रहे हैं कि मामले को न उछालें। काले धन का खुलासा न हो इसके लिए रोजाना नए-नए लोग उनके फ्लैट पर दबाव बनाने आ रहे हैं। इस संदर्भ उन्होंने कैलाश गेट चौकी में सूचना भी दर्ज करवा दी है कि उनके साथ कोई अनहोनी होती है तो उसका जिम्मेदार बिल्डर होगा। डॉ. आशा का आरोप है कि फ्लैट की एक चाभी बिल्डर सुदामा के पास भी थी। कुछ दिन पहले उनकी अनुपस्थिति में उनके घर में लोगों ने दस्तावेजों की छानबीन भी की जिससे काले धन के कारोबार संबंधी प्रमाण नष्ट किए जा सकें। एहतियातन उन्होंने अपने घर में नया ताला लगवा दिया है।
कई दिनों तक प्रतिदिन की 75 हजार की निकासी
ऋषिकेश। डा. आशा कामनानी का अकाउंट एचडीएफसी बैंक में है। बिल्डर के कहने पर उन्होंने कई दिनों तक रोजाना 75 हजार रुपये की निकासी की और फ्लैट मालिक को पहुंचाया। आयकर विभाग को छानबीन करनी चाहिए कि मैंने रोजाना निकाले गए 75 हजार रुपयों का क्या किया। मैं उन्हें प्रमाण सहित काले धन के कारोबारियों तक पहुंचाऊंगी। इस संदर्भ में उन्होंने आयकर विभाग के प्रधान निदेशक, टैक्स फ्रॉड को भी दस्तावेजों सहित शिकायत दर्ज कराई है।
कोट्स
एनआरआई महिला ने ऋषिकेश को अमेरिका समझ लिया है। वह चाहती हैं कि हर वक्त कोई न कोई आदमी उनके काम निपटाने के लिए खड़ा रहे। उनको समझाने का प्रयास किया जा रहा है।
सुदामा प्रसाद सिंघल, फ्लैट विक्रेता