ब्यूरो/अमर उजाला/ऋषिकेश।
मुनिकीरेती क्षेत्रांतर्गत एक क्लीनिक में काम करने वाले युवक ने एक अन्य युवक पर पानी की बोतल में जहर मिलाकर जान से मारने का आरोप लगाया है। इस बाबत युवक ने पुलिस को तहरीर दी, जिसके आधार पर पुलिस ने आरोपी युवक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
रविवार को आनंद विहार वार्ड संख्या 08 ढालवाला निवासी किशोर चंद्र देवरानी पुत्र चन्द्र मोहन ने थाना मुनिकीरेती पुलिस में तहरीर दी। बताया कि वह डा. पीएल कपरूवाण के क्लीनिक पर कार्य करते हैं। हर रोज वह अपने साथ पानी की बोतल लेकर जाते है, जिसे वह क्लीनिक के पूजा घर के बायीं तरफ रखते है। उन्होंने बताया कि बीती 26 जून को उन्होंने सुबह 10:30 बजे अपनी बोतल से पानी पिया तो उसमें से दुर्गंध आई। पानी का स्वाद भी अलग था। आरोप लगाया कि पानी पीकर उन्हें चक्कर आए और उल्टी भी हुई।
जब कुछ दिन ऐसा ही हुआ तो उन्होंने यह बात डा. पीएल कपरूवाण को बताई और सीसीटीवी फुटेज चेक कराने को कहा। फुटेज चेक करने पर पाया कि क्लीनिक पर ही काम करने वाला एक अन्य युवक देवेश उनियाल उनकी बोतल में कुछ मिला रहा है। उन्होंने बताया कि उनकी तबीयत खराब होने से वह एम्स अस्पताल में भी भर्ती रहे। आरोप लगाया कि पानी में जहर मिलाया गया था, जिस कारण उनकी तबीयत खराब हुई है। थानाध्यक्ष राम किशोर सकलानी ने बताया कि तहरीर पर पुलिस ने आरोपी देवेश उनियाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
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किशोर और देवेश दोनों मेरे क्लीनिक पर कार्य करते थे। इस घटना के बाद ही मैनें दोनों को निकाल दिया है। दोनों के आपसी रिश्ते अच्छे नहीं थे। सीसीटीवी में आरोपी बोतल में कुछ मिलाता दिख रहा है। हालांकि यह कहा नहीं जा सकता है कि बोतल किस की है।
- डा. पीएल कपरूवाण
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मेरे ऊपर लगाए गए आरोप झूठे हैं। किशोर चंद्र देवरानी से मेरी बातचीत पिछले एक वर्ष से बंद है। मैं मार्च माह से बीमार चल रहा हूं। 12 दिन अस्पताल में भी भर्ती रहा हूं। चिकित्सक ने मुझे अपने पानी में इलेक्ट्रॉल या नींबू पानी पीने को कहा है। मैं उस दिन भी अपनी पानी की बोतल में इलेक्ट्रॉल मिला रहा था। सीसीटीवी में जो बोतल दिख रही है, वह मेरी है। मुझे साजिशन फंसाया जा रहा है।
- देवेश उनियाल, आरोपी