संवाद न्यूज एजेंसी
ऋषिकेश। त्रिवेणी घाट स्थित नाव घाट पर आरएसएस का बाल पथ संचलन का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम संघ के स्थापना के सौ वर्ष पूर्ण होने पर शताब्दी स्थापना दिवस के रूप में मनाया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती विद्या मंदिर और सरस्वती शिशु मंदिर के बाल सेवक संघ की ओर से ध्वजारोहण और गणेश वंदना से किया गया। उमाकांत ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ भारत का पहला ऐसा संगठन है जिसने सौ वर्ष तक संगठन को संचालित रखा, निरंतर भारतीय संस्कृति के संरक्षण व राष्ट्र निर्माण के लिए कार्य कर रहा है।
उन्होंने कहा कि आरएसएस की ओर से यह एक पथ संचलन है जिसका उद्देश्य बच्चों में राष्ट्रभक्ति, अनुशासन और संस्कार विकसित करना है। उन्होंने शहीद वीरों के बलिदान को स्मरण करते हुए कहा कि भारत एक शांतिप्रिय देश होने के साथ विश्व का मार्गदर्शक राष्ट्र रहा है। बाल स्वयंसेवकों ने अनुशासित पथ संचलन कर शांति और एकता का संदेश दिया। इस अवसर पर श्याम बिहारी, रवि तायल आदि उपस्थित रहे।