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सावधान इन मार्गों से गुजर रहे हों तो जरा संभलकर

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श्री भरत मंदिर इंटर कॉलेज की जर्जर दीवार। - फोटो : RISHIKESH
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तीर्थनगरी के अधिकांश शिक्षण संस्थानों की चारदीवारी जीर्णशीर्ण हालत में हैं। इनकी मरम्मत के लिए कई बार शासन स्तर पर पत्राचार किया जा चुका है, लेकिन हालत यह है कि अफसरों ने इस मुद्दे को अब तक तवज्जो देने की जरूरत नहीं समझी है। लिहाजा स्कूल प्रबंधन भी पत्राचार का कोरम पूरा कर निराश भाव में बैठे रहे। बुधवार देर शाम जर्जर दीवार ढहने के कारण हुई किशोर की मौत के बाद जनप्रतिनिधियों और स्कूल प्रबंधन में जरूर हलचल हुई। अब स्कूल प्रबंधन नए सिरे से जर्जर दीवारों को जल्द ठीक करवाने के लिए पत्राचार की कसरत कर रहे हैं। बताते चलें कि पुष्कर मंदिर मार्ग स्थित राजकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय नंबर-1 की 10 फीट ऊंची दीवार ढह जाने से एक किशोर की मौत हो गई। वहीं, दो बुरी तरह से घायल हो गए हैं। किशोर की मौत के बाद अफसरों और जनप्रतिनिधियों में नए सिरे से संवेदना की लहर दौड़ी है। उम्मीद भी की जा रही है कि जिम्मेदार लोग हादसे से सबक लेंगे।
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ये है हादसों के दीवार की फेहरिस्त
दीवार-1
श्री भरत मंदिर इंटर कॉलेज की 12 फीट ऊंची 100 मीटर लंबी चारदीवारी जीर्णशीर्ण हालत में हैं। इससे गंगानगर, गणेश विहार, हनुमंतपुरम के मार्ग सटे हुए हैं। सैंकड़ों लोग प्रतिदिन यहां से आवागमन करते हैं। इस चारदीवारी की मरम्मत के लिए वर्ष 2014 में तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत ने बजट दिलाने का वादा भी किया था। इसके बावजूद आज तक इसका पुनरुद्धार नहीं हो पाया है। थकहारकर स्कूल प्रबंधन ने 2015, 2018 और 2019 में भी उप जिलाधिकारी को पत्र देकर दीवार की दयनीय स्थिति से अवगत कराया। प्रधानाचार्य मेजर गोविंद सिंह रावत ने बताया कि समय रहते इस पर ध्यान न दिया गया तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
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दीवार-2
देहरादून रोड स्थित राजकीय बालिका इंटर कॉलेज की पांच फीट से अधिक ऊंची चारदीवारी की भी हालत हादसों को न्योता दे रही है। हालत ये है कि मरम्मत के इंतजार में दीवार सड़क की ओर झुक गई है। पूर्व में इस दीवार का कुछ हिस्सा ढह भी चुका है। इसके बावजूद शिक्षा विभाग के आला अधिकारियों ने खतरे की गंभीरता को नजरंदाज कर दिया। प्रधानाचार्य रचना अग्रवाल का कहना है कि बुधवार की घटना के बाद मुख्य शिक्षा अधिकारी को पत्र भेजकर इंजीनियर से दीवार का परीक्षण कराया जाएगा। साथ ही इसकी मरम्मत की सिफारिश की जाएगी।
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दीवार-3
रेलवे रोड स्थित हरिचंद गुप्ता आदर्श कन्या इंटर कॉलेज की चारदीवारी करीब पांच वर्ष पूर्व नए सिरे से बनवाई गई थी। दीवार से सटे पीपल के पेड़ की जड़ों ने इसे अपनी चपेट में ले लिया है। इस कारण दीवार में दरारें आ गई हैं। लिहाजा इस दीवार के भी ढहने का खतरा बना हुआ है। प्रधानाचार्य पूनम रानी शर्मा ने बताया कि दीवार में दरार होने के कारण इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। हादसे से सबक लेकर वह जनप्रतिनिधियों को पत्राचार कर दीवार की मरम्मत के लिए मांग उठाएंगी।
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दीवार-4
खतरे से खाली कोतवाली ऋषिकेश की चारदीवारी भी नहीं है। कोतवाली स्थित पुराने एलआईयू ऑफिस से सटे भवन और उसकी चारदीवारी ही हालत दयनीय है। इस मार्ग का उपयोग लोग देहरादून मार्ग से रेलवे रोड को शॉर्टकट से जाने के लिए करते हैं। इसके अलावा छोटी सब्जी मंडी का रास्ता भी इसी दीवार से सटा है। सैकड़ों लोग रोजाना इस मार्ग से पैदल और वाहन से आवागमन करते हैं। खतरे का अंदाजा होते हुए भी अब तक ये दीवार भी उपेक्षा की शिकार है।
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दीवार-5
बनखंडी क्षेत्र से लगती हुई रेलवे की दीवार भी कभी भी ढह सकती है। दीवार एक विद्युत पोल के सहारे टिकी हुई है। इस दीवार का अधिकांश हिस्सा सड़क की ओर झुका हुआ है। यह शहर के व्यस्ततम मार्गों में शुमार है। यहां से शांतिनगर, गंगानगर, सोमेश्वर नगर, गीतानगर आदि क्षेत्रों का रास्ता जुड़ता है। स्थानीय लोगों ने स्टेशन अधीक्षक को पत्र भेजकर इसकी मरम्मत की मांग की है। इसके बावजूद अभी तक रेलवे विभाग की ओर से कोई एहतियाती कदम नहीं उठाया गया है।
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दीवार-6
राजकीय इंटर कॉलेज लक्ष्मणझूला की चारदीवारी लगभग 30 साल पुरानी है। इन दीवारों की स्थिति वर्तमान में जीर्णशीर्ण है। प्रधानाचार्य मदन मोहन उप्रेती के अनुसार स्थानीय जनप्रतिनिधियों को कई बार अवगत कराया जा चुका है। इसके बावजूद किसी ने संज्ञान नहीं लिया है। मरम्मत में खर्च का अनुमान अधिक लगने के कारण शायद प्रतिनिधि इसको नजरंदाज कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि बुधवार की घटना के बाद यमकेश्वर विधायक ऋतु खंडूड़ी ने मरम्मत के लिए सहयोग देने का आश्वासन दिया है।
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दीवार-7
लक्ष्मणझूला स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय की चारदीवारी जर्जर हालत से जूझ रही है। प्रधानाचार्य लक्ष्मी बर्तवाल ने बताया कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों को इस बारे में अवगत कराया गया। फिलहाल मामला अधर में लटका हुआ है। यमकेश्वर विधायक की ओर से सकारात्मक जवाब मिला है। उन्होंने इसकी मरम्मत के लिए सहयोग का भरोसा दिया है। विधायक रितु खंडूरी ने ऋषिकेश की घटना से सबक लेते कहा कि दोनों विद्यालयों के बजट का प्रस्ताव मिल चुका है। विधायक निधि से इसे दुरुस्त कराया जाएगा।

राजकीय प्राथमिक विद्यालय लक्ष्मणझूला की दीवार।- फोटो : RISHIKESH

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