हम सितंबर में चार धाम यात्रा पर आना चाहते हैं..., वाहन और ठहरने की क्या व्यवस्था है..., यात्रा मार्ग खुले रहेेंगे जैसे सवाल इन दिनों पर्यटन विभाग के पूछताछ केंद्र के टोल फ्री नंबर पर आ रहे हैं। देश के विभिन्न प्रांतों के लोग चारधाम यात्रा को लेकर उत्साहित हैं। जिससे उम्मीद जताई जा रही है कि जुलाई में बारिश के चलते मंद पड़ी चारधाम यात्रा सितंबर से फिर रफ्तार पकड़ सकती है।
उत्तराखंड की विश्व प्रसिद्घ चारधाम यात्रा का आगाज सात मई से हुआ। बाहरी प्रांतों से देवधामों के दर्शन के लिए श्रद्घालुओं की रिकार्ड भीड़ उमड़ी। जून तक लाखों श्रद्घालुओं ने बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री दर्शन किए। पिछले तीन साल का रिकार्ड भी टूट गया।
जुलाई के प्रथम सप्ताह से मौसम का मिजाज बिगड़ने और मौसम विभाग के अलर्ट जारी करने के बाद धीरे-धीरे यात्रा की रफ्तार धीमी हो गई। स्थिति यह हुई कि जहां प्रतिदिन सात से आठ हजार श्रद्घालु चारधाम यात्रा बस ट्रांजिट कंपाउंड से आस्थापथ की ओर रवाना हो रहे थे। बाद में संख्या घटकर 100 तक पहुंच गई।
राहत की बात यह कि सितंबर से चारधाम यात्रा में फिर से तेजी आने की उम्मीद है। बीटीसी स्थित पर्यटन विभाग के पूछताछ केंद्र के स्वागती दिनेश बहुगुणा ने बताया कि सात अगस्त के बाद से दिल्ली, कर्नाटक, आंध्रप्रदेश, महाराष्ट, राजस्थान, लखनऊ, पंजाब से प्रतिदिन करीब 20 श्रद्घालुओं के फोन आ रहे हैं, जो सितंबर में चारधाम यात्रा पर आना चाहते हैं। वह यात्रा व्यवस्था के बाबत पूछताछ कर रहे हैं।
एमपी से आएगा यात्रियों का जत्था
पूछताछ केंद्र के स्वागती की माने तो 16 सितंबर को मध्यप्रदेश से 260 तीर्थयात्रियों का जत्था तीर्थनगरी पहुंचेगा। दल के मुखिया ने फोन पर बताया कि सबसे पहले बदरीनाथ के दर्शन करेंगे।