चारधाम यात्रा 2017 की तैयारियां परवान चढ़ने लगी हैं। आयुक्त स्तर से सभी जिलाधिकारियों और संबंधित विभागों से यात्रा के लिए सफल संचालन के लिए आगणन सहित प्रस्ताव मांगे गए हैं। चारधाम यात्रा इस बार 25 अप्रैल से शुरू होगी, जबकि बीते वर्ष 2016 में यात्रा सात मई से आरंभ हुई थी।
इस बार देवधामों के लिए बीते वर्ष से अधिक तीर्थयात्रियों के आमद की उम्मीद जताई जा रही है। चारधाम यात्रा राज्य की आर्थिकी की रीढ़ है। छह महीने तक चलने वाली धार्मिक यात्रा में बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमनोत्री के दर्शन को देश-विदेश से आने वाले तीर्थ यात्रियों को असुविधा नहीं हो, इसके लिए यात्रा प्रशासन संगठन ने जनवरी से ही तैयारियां शुरू कर दी है।
यात्रा प्रशासन संगठन के व्यैक्तिक सचिव एके श्रीवास्तव ने बताया कि गढ़वाल आयुक्त स्तर से यात्रा रूट के सभी जिलाधिकारियों और संबंधित विभाग जलसंस्थान, ऊर्जा निगम, नगर पालिका, नगर पंचायत, पीडब्लूडी, बीआरओ को चारधाम यात्रा के लिए आगणन सहित प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए हैं।
बताया कि कुछ विभागों ने प्रस्ताव बीटीसी स्थित संगठन कार्यालय को उपलब्ध करा दिए हैं। बताया कि सभी विभागों को यात्रा बजट आवंटित किया जाना है। इससे यात्रा शुरू होने से पहले सभी तैयारियां पूरी की जा सकें।
चारधाम यात्रा की तैयारियों को लेकर मंडलीय बैठक 15 फरवरी को होगी। बैठक में गढ़वाल आयुक्त संबंधित विभागों को यात्री सुविधा के बाबत आवश्यक दिशा निर्देश देंगे। चारधाम यात्रा की तैयारियों पर भी चर्चा की जाएगी।
चारधाम यात्रा इस बार 25 अप्रैल से शुरू होगी, जबकि बीते वर्ष 2016 में यात्रा सात मई से आरंभ हुई थी। पखवाड़ाभर पहले यात्रा शुरू होना शुभ संकेत है। 28 अप्रैल को अक्षय तृतीया है। इसी दिन गंगोत्री धाम के कपाट खुलेंगे। इसी दिन बदरीनाथ धाम के कपाट खोलने की तारीख का एलान नरेंद्रनगर स्थित राजमहल में धार्मिक अनुष्ठान के दौरान किया जाएगा।