पहाड़ों पर लगातार हो रही बारिश और भूस्खलन से चारधाम यात्रा की रफ्तार भले ही थम गई है। लेकिन, खराब मौसम भी कुछ श्रद्घालुओं की आस्था को नहीं डिगा रहा है। शुक्रवार को नेपाल से आया तीर्थयात्रियों का जत्था फोटोमीट्रिक पंजीकरण कराने के बाद हर-हर महादेव, जय बदरी जय केदार के जयघोष के साथ आस्था पथ की ओर रवाना हुआ।
सात मई को शुरू हुई विश्व प्रसिद्घ चारधाम यात्रा में देश-विदेश के लाखों श्रद्घालुओं ने बाबा बदरी-केदार सहित गंगोत्री-यमनोत्री के दर्शन किए। इस बार चारधाम यात्रा में रिकॉर्ड तोड़ श्रद्घालु रवाना हुए। जिसकी तस्दीक बीटीसी परिसर स्थित फोटोमीट्रिक पंजीकरण केंद्र के आंकड़े कर रहे हैं। अब तक चार लाख 88 हजार 176 श्रद्घालु चारधाम दर्शन कर चुके हैं। हालांकि जुलाई से खराब मौसम चारधाम यात्रा में खलल बन रहा है। फिर भी यात्रा जारी है।
शुक्रवार को 65 नेपाली यात्रियों का जत्था ऋषिकेश स्थित बस अड्डा पहुंचा। फोटोमीट्रिक पंजीकरण कराने के बाद 40 महिलाओं और 26 पुरुषों का दल चारधाम के लिए आस्थापथ को रवाना हुआ। जत्थे के तेज बहादुर, संजू केसी, टेक बहादुर, कमला केसी, गुंजा बहादुर केसी ने बताया कि चारधाम यात्रा में तीसरी बार आए हैं। मौसम खराब होने और पहाड़ों पर मूसलाधार बारिश की सूचना मिली, लेकिन बाबा केदारनाथ के दर्शन के लिए बारिश, धूप सब कुछ सहन कर सकते हैं। भगवान बदरी-केदारनाथ के दर्शन के आगे मौत का डर महसूस नहीं होता है। जय बदरी जय केदार नाथ, हर-हर महा देव जैसे नारों के साथ श्रद्घालुओं का जत्था आस्थापथ को रवाना हुआ।
आपदा से चार दिन पहले वतन लौटे
नेपाल के 65 श्रद्घालुुओं को चारधाम यात्रा करवा रहे नेपाल के टूर आपरेटर राजेश गौतम और यम बहादुर केसी ने बताया कि अब तक 15 बार नेपाली श्रद्घालुओं को चारधाम यात्रा करवा चुके हैं। वर्ष 2013 में केदारघाटी में भीषण आपदा आने से चार दिन पहले 34 श्रद्घालुओं को यात्रा करवाकर वतन वापस लौट चुके थे। बावजूद इसके वर्ष 2015-16 में राजेश और यम बहादुर नेपाल के श्रद्घालुओं को देवभूमि ले आए।