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निगम ने 18 के खिलाफ दी तहरीर

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चंद्रभागा में अतिक्रमण को हटाता निगम कर्मी - फोटो : RISHIKESH
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ध्वस्तीकरण और बल पूर्वक हटाने के बावजूद चंद्रभागा नदी किनारे अतिक्रमण कर रहे लोगों के खिलाफ निगम प्रशासन ने फिर से सख्ती दिखाई है। शनिवार को दोबारा बसावट कर रहे 18 लोगों को खदेड़ने के साथ ही उक्त लोगों के खिलाफ कोतवाली ऋषिकेश में लिखित तहरीर भी दी है।
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गौरतलब है कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने चंद्रभागा नदी क्षेत्र में वर्षों से हुए अतिक्रमण को हटाने के निर्देश दिए थे। नगर निगम प्रशासन ने पूर्व में इन्हें नोटिस देकर अपना पक्ष रखने को कहा था। इस दौरान अतिक्रमणकर्ता नगर निगम के समक्ष जमीन संबंधी कोई भी लिखित दस्तावेज उपलब्ध नहीं करा सके थे। अतिक्रमणकारियों ने निगम को बताया था कि वह उक्त भूमि पर मौखिक समझौते पर जमे हुए हैं। निगम ने उक्त भूमि को राजस्व अभिलेखों में नॉन जेड-ए में दर्ज होना पाया। इसके बाद निगम प्रशासन ने एक माह का समय देकर लोगों को अतिक्रमण स्वयं हटाने को कहा था। एक माह का समय बीतते ही निगम ने जेसीबी से अधिकांश अतिक्रमण ध्वस्त कर दिया था।
इसके बाद अतिक्रमणकर्ताओं ने यहां दोबारा कब्जा कर लिया। इस पर चार नवंबर को निगम ने दोबारा जेसीबी से सभी अवैध झोपड़ियों को ध्वस्त कर दिया, लेकिन इसके बाद पुन: यहां अतिक्रमण कर दिया गया। इस पर शनिवार को नगर निगम प्रशासन ने 18 लोगों को यहां से खदेड़ा। साथ ही इनके खिलाफ कोतवाली पुलिस को लिखित तहरीर भी दी।
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पूर्व में दो बार निगम की ओर से चंद्रभागा नदी पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई थी। इसके बावजूद यहां अतिक्रमण किया गया। साथ ही मांस बेचने संबंधी शिकायतें मिल रही थीं। शनिवार को यहां 18 लोगों को चिह्नित कर खदेड़ा गया। इसके अलावा कोतवाली में इनके खिलाफ पत्र भी दिया गया है।
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- विनोद लाल, सहायक नगर आयुक्त
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