खाराश्रोत में गंगा नदी में गिरता सीवर।
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गंगा को निर्मल बनाने के लिए तमाम दावे किए जा रहे हैं इसके बावजूद खारास्रोत क्षेत्र में खुलेआम गंगा में सीवर का गंदा पानी गिर रहा है। जिम्मेदार विभाग के अधिकारियों की लापरवाही का आलम यह है कि जनप्रतिनिधियों की शिकायतों के बावजूद यहां एहतियाती इंतजाम नहीं किए जा रहे हैं। यहां करीब 10 दिनों से बड़ी मात्रा में सीवर की गंदगी गंगा में गिर रही है। मामला संज्ञान में होने के बावजूद कार्रवाई के नाम पर सीवर विभाग गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई खंड के आला अधिकारी मौन साध कर बैठे हैं।
दरअसल नगर पालिका मुनिकीरेती ने खाराश्रोत क्षेत्र के सीवर को लक्कड़घाट एसटीपी में जाने वाली सीवर लाइन से जोड़ा और इसके बाद सीवर लाइन की मरम्मत कर उसे बंद कर दिया गया। कुछ समय बाद यहां पर सीवर लाइन लीकेज होने लगी। सुबह-शाम बहते सीवर के कारण यह लीकेज बढ़ती गई और इससे बड़ी मात्रा में सीवर का गंदा पानी गंगा नदी में गिरने लगा। इससे यहां चारों ओर बदबू पैदा हो गई है। हालात इतने बदतर हो गए हैं कि आसपास रहने वाले लोगों के अलावा स्थानीय राफ्टिंग व्यवसायी, दुकानदार और यहां आने वाले पर्यटक भी नाक बंद कर आवागमन करने को मजबूर हैं। स्थानीय सभासद सुभाष चौहान की शिकायत पर सीवर विभाग के आला अधिकारी मौके का मुआयना करने तो पहुंचे, लेकिन कार्रवाई के नाम पर उन्होंने नगर पालिका मुनिकीरेती को पत्र भेज दिया।
सभासद सुभाष चौहान ने बताया कि इस संबंध में वह सीवर विभाग के जेई को कई बार अवगत करा चुके हैं, मगर समस्या का कोई समाधान नहीं हुआ। उन्होंने बताया कि करीब 10 दिनों से अधिक समय से यहां सीवर लाइन लीकेज हो रही है।, जिससे बड़ी मात्रा में प्रतिदिन सीवर बहता हुआ गंगा नदी में जा रहा है। सीवर से उठती बदबू के कारण आसपास रहने वाले लोगों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बताया कि वर्तमान में राफ्टिंग के एंडिंग प्वाईंट के नाम से खाराश्रोत पर्यटकों में काफी मशहूर हो चुका है। बड़ी संख्या में यहां पर पर्यटक राफ्टिंग समाप्त करते हैं लेकिन सीवर की दुर्गंध से पर्यटकों को यहां मजबूरन नाक बंद करके चलना पड़ रहा है।
कोट्स
जहां पर लीकेज हो रहा है वह मैनहोल नगर पालिका का है। यहां पर सीवर लाइन को काटकर नगर पालिका मुनिकीरेती ने खाराश्रोत बस्ती के सीवर से जोड़ा है। इसमें छोटा सुराख हो गया है। मैने स्वयं मौके का मुआयना किया है। इसमें देखा गया है कि लाइन पर दबाव पड़ने के कारण सीवर उफन कर बाहर गिरने लगता है। इस संबंध में नगर पालिका मुनिकीरेती को पत्र लिखकर उनके जेई को भी बताया गया है। फिलहाल जल्द ही इस लीकेज को दुरुस्त कर दिया जाएगा।
- हरीश बंसल, सहायक अभियंता, गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई